मुस्लिमों ने रची नई परंपरा, ईद पर RSS नेता को भेंट की गाय
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मेवात अपनी पारंपरिक छवि को बदल रहा है। कभी गुड़गांव जिले का हिस्सा रहे इस क्षेत्र के मुस्लिमों ने सांप्रदायिक एकता की नई मिसाल कायम की है। यह बात कट्टरपंथियों को चुभ सकती है लेकिन हिंदू-मुस्लिम के बीच सौहार्द कायम करने में जुटे लोगों के लिए सुखद खबर है।
बकरीद मनाने के बाद शुक्रवार रात दिल्ली जाकर यहां के गणमान्य मुस्लिमों ने आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार को गाय भेंट की। जानकार बता रहे हैं कि इस रिवाज से न सिर्फ मेवात की छवि सुधरेगी बल्कि हिंदू-मुस्लिमों के बीच भाईचारा बढ़ेगा।
पशुओं की तस्करी और उनके वध को लेकर बदनाम रहे मेवात में 13 सितंबर को अखिल भारतीय मुस्लिम गौ-पालक सम्मेलन हुआ था। इसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्मों के गुरु और राजनेता आए थे। मुस्लिम गौ-पालकों को सम्मानित किया गया था। सीएम मनोहरलाल सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे। इस सम्मेलन के बाद पशुओं को लेकर मेवात के लोगों की धारणा बदल रही है।
नमाज अदा करने के बाद गाय दान की गई
फिरोजपुर झिरका के पाटखोरी गांव में ईद की नमाज अदा करने के बाद गाय दान की गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल व आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार की गायों को लेकर लोग दिल्ली गए।
दिल्ली पहुंचने पर इंद्रेश कुमार व मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ताओं ने गायों को फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। कुमार ने कहा कि यह परंपरा आने वाले समय में पूरे हिंदुस्तान को एक नई दिशा देगी।
मंच के हरियाणा प्रदेश संयोजक खुर्शीद राजाका ने बताया मेवाती मुस्लिम समाज की यह नई पहल 13 सितंबर को हुए अखिल भारतीय मुस्लिम गौ-पालक सम्मेलन की देन है।