नगर निगम सदन की पहली बैठक : 1490 करोड़ का बजट पास, गोलमोल जवाब देकर बचते रहे अधिकारी
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नगर निगम सदन की शुक्रवार को हुई पहली बैठक में जनता से जुड़े मुद्दे सड़कों के निर्माण, सीवर, नाले और वार्डों की सफाई तथा पर्याप्त पानी सप्लाई न होने का मुद्दा छाया रहा। पार्षदों ने उक्त मुद्दों को लेकर निगम अधिकारियों को जमकर घेरा और सवाल जवाब किया।
पार्षदों का कहना था कि पिछले डेढ़ साल से निगम अफसरों ने खूब मनमानी की है। जहां जहां विकास के नाम पर काम कराए हैं वहां गड़बड़ियां मिल रही हैं। हैरानी की बात ये है कि पार्षदों के सवालों का निगम अधिकारी एक भी जवाब सही ढंग से नहीं दे पाए।
बल्कि गोलमोल जवाब देकर बचाव में लगे रहे। सदन की बैठक में वार्डों से सफाईकर्मियों के गायब होने का भी मुद्दा उठा जिसमें तय किया गया कि सभी वार्डों में आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से सफाईकर्मियों के लगाने की व्यवस्था की जाएगी।
सुबह 11:20 शुरू हुई सदन की बैठक शाम 4:30 बजे तक चली। अंत में सदन ने सर्वसम्मति से 1490 करोड़ रुपये का निगम बजट भी पास कर दिया। बैठक की अध्यक्षता मेयर सुमन बाला ने की। पदेन सदस्य के रूप में कुछ समय के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी शामिल हुए।
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने सुबह 11:20 बजे सदन की बैठक की शुरूआत की और सदन की मर्यादा के बारे में नवनियुक्त पार्षदों को जानकारी दी। करीब 20 मिनट संबोधन देनेे के बाद मंत्री बैठक से चले गए। मेयर सुमन बाला की अनुमति मिलने के बाद निगम सचिव मुकेश सोलंकी ने सदन की औपचारिक बैठक शुरू की।
वार्ड-26 के पार्षद अजय बैसला, वार्ड 37 के दीपक चौधरी, वार्ड 31 के छत्रपाल, वार्ड 28 के नरेश नंबरदार, वार्ड 22 के जितेंद्र यादव, वार्ड 40 की सविता तंवर, वार्ड 17 के विकास भारद्वाज, वार्ड 15 के संदीप भारद्वाज, वार्ड 13 की सुमन भारती, वार्ड 14 के जसवंत सिंह, वार्ड तीन के जयवीर खटाना, वार्ड 35 के कपिल डागर आदि ने वार्डों में सफाई व्यवस्था की दुर्दशा, नालों की सफाई न होने, सीवर चोक होकर ओवरफ्लो होने और सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए निगम अधिकारियों को घेरा।
कई कामों में खर्च की गई धनराशि का भी मांगा जवाब
पार्षदों का कहना था कि वार्डों में सफाईकर्मियों की संख्या जितनी तय की गई है उसमें से आधे भी नहंीं आते। सफाई दारोगा को कमीशन देकर हाजिरी चढ़वाई जाती है।
सदन ने पूरे वार्ड में आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से कर्मचारियों का आदेश दिया। इसके अलावा सफाईकर्मियों और संबंधित क्षेत्र के सफाई दारोगा के मोबाइल नंबर पार्षदों को देने के निर्देश दिए गए।
निगम के अधीक्षण अभियंता अनिल मेहता ने जवाब दिया कि सभी नालों की सफाई के लिए स्टीमेट तैयार कर 30 अप्रैल तक काम अलॉट कर दिया जाएगा।
वार्ड 26 के पार्षद अजय बैसला ने स्मार्ट सिटी प्रा. लि. के लिए आई और खर्च की गई धनराशि का ब्यौरा मांगा।
जितेंद्र यादव ने जेएनएनयूआरएम के तहत डबुआ कॉलोनी और बापूनगर में गरीबों को दिए जाने वाले मकानों के निर्माण, निगम में मशीनों के लिए लिए की गई खरीदारी तथा तीनों वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत किए जाने वाले खर्च विवरण मांगा।
अधीक्षण अभियंता ने पार्षदों को खर्च की अनुमानित राशि की जानकारी दी लेकिन पार्षद उनके जवाब से संतुष्ट नहीं थे। सदन ने ये तय किया कि जब तक संबंधित क्षेत्र के पार्षदों की अनुमति न मिल जाए तब तक काम करने वाले ठेकेदारों को बिलों का भुगतान न किया जाए।
फिर वह चाहे सड़क निर्माण हो या फिर स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत आदि। अजय बैसला ने निगम अधिकारियों के स्मार्ट सिटी के नाम पर किए गए विदेश दौरों की भी जानकारी मांगी।
सदन में मौजूद निगमायुक्त सोनल गोयल ने जवाब दिया कि विदेश दौरे का पूरा खर्च केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा वहन किया गया है। निगम का इसमें एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ है।