Delhi Metro: मेट्रो फेज-4 के कॉरिडोर पर मुकुंदपुर डिपो का होगा विस्तार, टेस्ट ट्रैक भी बनेंगे
मुकुंदपुर डिपो में मौजूदा लाइनों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाएगी ताकि अधिक से अधिक मेट्रो ट्रेनों का रखरखाव और परिचालन के लिए इस्तेमाल किया जा सके। मुकुंदपुर डिपो में फिलहाल 24 स्थिर लाइनें हैं। इनमें से 11 की लंबाई में बढ़ोतरी की जा रही है।
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दिल्ली मेट्रो फेज-4 के कॉरिडोर पर नए डिपो के लिए अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगी। कोविड-19 के दौरान हुए वित्तीय नुकसान को देखते हुए मुकुंदपुर में मौजूदा डिपो की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे मौजपुर-मजलिस पार्क और आरके आश्रम-जनकपुरी पश्चिम कॉरिडोर पर किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मेट्रो उपलब्ध होगी। इससे यात्रियों को किसी भी स्टेशन पर मेट्रो में तकनीकी खराबी होने पर सेवाएं न्यूनतम समय के लिए प्रभावित होंगी।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ओर से मौजूदा डिपो में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुकुंदपुर डिपो में मौजूदा लाइनों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाएगी ताकि अधिक से अधिक मेट्रो ट्रेनों का रखरखाव और परिचालन के लिए इस्तेमाल किया जा सके। मुकुंदपुर डिपो में फिलहाल 24 स्थिर लाइनें हैं। इनमें से 11 की लंबाई में बढ़ोतरी की जा रही है ताकि पिंक लाइन (मौजपुर-मजलिस पार्क और आरके आश्रम-जनकपुरी पश्चिम) के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सके। शेष 13 स्थिर लाइनों से मैजेंटा लाइन की जरूरतें पूरी की जाएंगी।
डिपो में टेस्ट ट्रैक भी बनेंगे
खास बात यह है कि विस्तारित डिपो में पिंक और मैजेंटा लाइन्स के लिए नए टेस्ट ट्रैक भी शामिल होंगे। मुकुंदपुर डिपो में पुनर्निर्मित सुविधा की 2024 के अंत तक शुरू किए जाने की उम्मीद है। फेज-4 के तहत दिल्ली मेट्रो के तीन गलियारों मजलिस पार्क से मौजपुर (12.31 किमी), जनकपुरी पश्चिम पर नई लाइनों पर लगभग 65 किलोमीटर का विस्तार किया जा रहा है। आर के आश्रम मार्ग-जनकपुरी पश्चिम (29.26 किमी) और दिल्ली एयरोसिटी से तुगलकाबाद (23.62 किमी पर निर्माण कार्य चल रहा है।
लाइनों की संख्या में बढ़ोतरी से डिपो पर कम होगा बोझ
पहले से चालू मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन (पिंक लाइन) पर छह नई एलिवेटेड स्टैबलिंग लाइनें होंगी। एलिवेटेड लाइनों की संख्या में बढ़ोतरी से डिपो पर बोझ कम होगा और ट्रेनों को जरूरत के मुताबिक ट्रैक पर भेजना संभव होगा। मुकुंदपुर डिपो के अलावा सरिता विहार और अजरौंदा में मौजूदा डिपो का भी विस्तार किया जा रहा है। इससे फेज-4 के एयरोसिटी-तुगलकाबाद सहित वायलेट लाइन ( कश्मीरी गेट से राजा नाहर सिंह लाइन) पर मेट्रो का उपयोग किया जाएगा। डिपो में मौजूदा संसाधनों का उपयोग उनकी पूरी क्षमता से किया जाएगा। इससे खर्च के साथ साथ मानव संसाधनों की जरूरतें भी कम होगी।