सद्भावना की मिसाल : वैदिक रीति रिवाज से महंत ने रखी मस्जिद की नींव
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दादरी के बिसाहड़ा में सांप्रदायिक तनाव ने माहौल खराब किया वहीं रबूपुरा का एक गांव ऐसा है जहां दोनो धर्मों के लोगों ने सामाजिक सद्भाव की अद्भुत मिसाल पेश की है। खेरली भाव गांव में शनिवार को मस्जिद की नींव चावल, रोली, कवाला के साथ पूरी वैदिक रीति रिवाज से रखी गई।
गांव के मंदिर के महंत बाबा महेंद्र गिरी ने हाजी राज मौहम्मद की मौजूदगी में मंत्रोच्चारण के साथ मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू कराया। खेरली भाव जनपद गौतमबुद्धनगर का एक ऐसा गांव है जहां आजादी के समय से ही यहां रहने वाले सभी धर्म और समुदाय के लोग प्रेम-भाव से सौहादर्यपूर्ण वातावरण में रहते आए हैं।
शनिवार को गांव के लोगों ने देश के मौजूदा सामाजिक माहौल को देखते हुए एक अनूठी पहल की। गांव में बनने वाली मस्जिद का निर्माण किए जाने में वैदिक रीति का प्रयोग करते हुए पूरी दुनिया को भाईचारे का संदेश दिया।
धर्म ऐसा माध्यम है, जिससे दुनिया को एकता के सूत्र में पिरोया जा सकता है
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि किसान नेता व उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म एक ऐसा माध्यम है, जिससे देश और दुनिया को एकता के सूत्र में पिरोया जा सकता है।
आज जरुरत है कि धर्म को लोग उन्माद फैलाने के लिए नहीं बल्कि प्रेम का संदेश देने के लिए इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि इंसानियत का कत्ल करने वाले लोग समाज का हित नहीं कर सकते। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
इस मौके पर ओमप्रकाश सिंह, सतवीर सिंह, नसरू ठेकेदार, शिब्बु सिंह, मौहज्जम खां, हाजी राज मौहम्मद, नयरू खां, आश मौहम्मद, अब्दुल सलाम समेत बड़ी संख्या में आस पास के गांवों के लोग भी मौजूद रहे। दोनो धर्मों के लोगों ने सालों से चले आ रहे इस भाईचारे को कायम रखने का भरोसा दिलाया।