इसी जगह प्रधानमंत्री मोदी लगाएंगे झाड़ू
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नई दिल्ली का एक इलाका आजकल सुर्खियों में है। 300 परिवारों के रहने वाले इस इलाके में 2 अक्टूबर को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साफ-सफाई वाले रोजमर्रा के काम को एक आंदोलन में तब्दील करना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि 2019 तक भारत दुनिया के सबसे स्वच्छ देशों में गिना जाए। इसी मकसद से उन्होंने 'स्वच्छ भारत अभियान' शुरू करने का फैसला किया है।
मोदी 2 अक्टूबर को इस अभियान की शुरूआत एक खास इलाके से करने वाले हैं। यह दिल्ली का वाल्मिकी सदन है जहां लगभग 300 परिवार रहते हैं।
आखिर इस इलाके से ही मोदी के स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत क्यों हो रही है? आखिर क्यों इसी इलाके में झाड़ू लगाकर मोदी करेंगे इस अभियान की शुरूआत? जानिए आगे ...
महात्मा गांधी ने यहां चलाई थी अपनी पाठशाला
दिल्ली के वाल्मिकी सदन में मोदी के झाड़ू लगाने और यहां एक टॉयलेट के उद्घाटन के पीछे एक बड़ा कारण है।
असल में वाल्मिकी सदन का संबंध राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से है। इस इलाके में एक मंदिर है जिसके बगल में एक कमरा है जिसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 214 दिन प्रवास किया था।
अपने प्रवास के दौरान दिन के समय गांधी जी इस इलाके में रहने वाले वाल्मिकी समाज के बच्चों को पढ़ाने का काम भी करते थे।
दो अक्टूबर को अपने अभियान की शुरूआत करने के बाद मोदी उस कमरे में भी जाएंगे जहां राष्ट्रपिता ने अपने जीवन के 214 दिन गुजारे थे।
एक खास टॉयलेट ब्लॉक का करेंगे उद्घाटन
वाल्मिकी सदन में मोदी के दौरे की तैयारियों को देख रहे विरेंद्र राजपूत का कहना है कि ऐसा नहीं है कि कोई प्रधानमंत्री पहली बार इस इलाके में आ रहा है।
मोदी से पहले जवाहर लाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी भी यहां आ चुके हैं। हां, यह जरूर है कि गांधी जयंती के मौके पर किसी प्रधानमंत्री का इस इलाके में आना पहली घटना है।
झाड़ू लगाकर स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत करने के बाद मोदी एक विशेष टॉयलेट ब्लॉक का भी उद्द्याटन करेंगे। इस टॉयलेट ब्लॉक को डीआरडीओ द्वारा विशेष तौर पर बनाया गया है।
बेहद खास होगा यह टॉयलेट
इस टॉयलेट की खासियत है कि इसमें न तो कोई सेप्टिक टैंक होगा और न ही कोई सीवेज सिस्टम। इसमें ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले पानी को दोबारा भी प्रयोग में लाया जा सकता है।
फिलहाल नई दिल्ली म्यूनिसिपल कांउसिल (NDMC) ने इस पूरे इलाके में सफाई और साज-सज्जा का अभियान चला रखा है। खास बात है कि ऐसा पहली बार होगा कि दो अक्टूबर के दिन भी सरकारी ऑफिस खुले होंगे।
शहरी विकास मंत्रालय ने भी इस दिन को खास बनाने के लिए इंडिया गेट पर पतंग उड़ाने का कार्यक्रम और साइकिल मैराथन का आयोजन किया है।
साभार : इंडियन एक्सप्रेस