अंबानी के खिलाफ जांच नहीं कर सकती दिल्ली सरकार
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एनडीए की केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) से रिलायंस गैस मूल्य वृद्धि में अनियमितता की जांच करने का अधिकार छीन लिया है। दिल्ली सरकार की ओर से हाईकोर्ट में यह जानकारी दी गई।
इस मामले में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में पेट्रोलियम मंत्री रहे वीरप्पा मोइली और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी समेत अन्य कई प्रमुख लोग आरोपी हैं। दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने फरवरी में यह मुकदमा दर्ज करवाया था।
जस्टिस वीके शाली की पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार व एसीबी के अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि 23 जुलाई को जारी अधिसूचना के मुताबिक, भ्रष्टाचार के मामलों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ जांच का अधिकार एसीबी को नहीं है। एसीबी केवल दिल्ली सरकार के कर्मचारियों की जांच कर सकती है।
एसीबी को दिल्ली सरकार के कर्मचारियों तक किया सीमित
मामले में यह जानकारी आने के बाद नए सिरे से जवाब व अधिसूचना पेश करने के लिए एसीबी ने पीठ से समय मांगा है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 अक्तूबर की तारीख तय की है। दिल्ली सरकार व एसीबी की दलीलों के मद्देनजर रिलायंस व अन्य आरोपी अगली तारीख से पहले अपना जवाब देंगे।
मालूम हो कि हाल ही में एसीबी ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा था कि उसके पास गैस मूल्य वृद्धि मामले में दर्ज एफआईआर की जांच करने का पूरा अधिकार है। यह दलील देते हुए एसीबी ने रिलायंस की वह याचिका खारिज करने की मांग की थी, जिसमें उसने एसीबी के क्षेत्राधिकार को चुनौती देते हुए एफआईआर रद्द करने की मांग की थी।