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दिल्ली: कनॉट प्लेस को नो व्हीकल जोन बनाने के लिए मॉक ड्रिल आज
Sat, 29 Jun 2019 05:38 AM IST
Abhishek Singh
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Sat, 29 Jun 2019 05:38 AM IST
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कनॉट प्ले
- फोटो : Social Media
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कनॉट प्लेस को प्रदूषण और जाम से मुक्त करने के लिए नो व्हीकल जोन बनाने से पहले शनिवार को मॉक ड्रिल होगी। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस, एनडीएमसी कर्मियों और अधिकारियों सहित कारोबारी भी मौजूद रहेंगे। मॉक ड्रिल के दौरान वाहनों की आवाजाही और ड्रिल के प्रभावों का अध्ययन होगा। हालांकि कारोबारी इसे मानने के लिए अब तक राजी नहीं हैं।
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पिछले कुछ दिन में एनडीएमसी अधिकारियों और कारोबारियों के बीच कई बार अनौपचारिक बैठकें हो चुकी हैं। नए प्लान को लागू करने से पहले कारोबारियों के विरोध को देखते हुए ट्रायल से पहले मॉक ड्रिल होगा। सभी पहलुओं के अध्ययन के बाद रविवार-सोमवार को ट्रायल किया जाएगा।
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एनडीएमसी के एक आला अधिकारी ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान इस निर्णय को लागू करने से होने वाले प्रभावों पर भी नजर रहेगी। कारोबारियों का कहना है कि प्रवेश के रास्तों की संख्या बढ़ाई जाती है तो इससे जाम की समस्या गंभीर होने के साथ प्रदूषण में भी बढ़ोतरी होगी। मॉक ड्रिल सुबह 8 बजे शुरू होगी, जिसमें कारोबारियों को भी बुलाया गया है।
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कनॉट प्लेस को पैदल चलने वालों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए वाहनों के आवागमन पर एनडीएमसी और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से कुछ पाबंदियां लगाने की योजना बनाई है। कारोबारियों का आरोप है कि यह फैसला व्यावहारिक नहीं है। इस मसले पर बुलाई गई कारोबारियों की बैठकें कई बार स्थगित हो चुकी हैं।
नहीं बदली योजना तो कारोबारी करेंगे प्रदर्शन
नई दिल्ली ट्रेडर एसोसिशन के एक पदाधिकारी का कहना है कि पहले जनपथ से वाहनों को एंट्री देने का प्रावधान किया गया था। इनर या आउटर सर्कल में पार्किंग का प्रावधान करने सहित वाहनों का निकास बाबा खड़क सिंह मार्ग से कराने का प्रस्ताव था। अब इसे बदल दिया गया है। अगर प्रवेश और निकास के रास्ते बढ़ाए जाते हैं तो समस्या कम नहीं होगी।
इससे कारोबार प्रभावित होगा। इसे लागू करने से पहले व्यापारियों से सहमति नहीं ली गई। इसके बावजूद नया प्लान लागू किया गया तो इसका विरोध करेंगे। वैसे 2017 में भी यह योजना लागू करने का प्रयास हुआ था। व्यापारियों के विरोध के बाद इसे स्थगित करना पड़ा था।