थाने गए आप विधायक को पुलिस ने मारा धक्का
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समयपुर बादली से गत रविवार दो किशोरों के गायब होने के मामले में मंगलवार को लोगों ने जमकर हंगामा किया। किशोर की बाइक बादली नहर के पास मिली है।
आशंका है कि दोनों की नहर में डूबने से मौत हुई। लेकिन गोताखोर अब तक दोनों की लाश बरामद नहीं कर पाए हैं। प्रदर्शनकारियों से मिलने विधायक महेंद्र यादव भी पहुंचे।
आरोप है कि जल्द मामला हल करने की बात कहने पर स्थानीय एसीपी ने विधायक को धक्का दे दिया, जिसकी वजह से काफी देर तक हंगामा होता रहा।
गुमशुदगी की शिकायत दर्ज
पुलिस के मुताबिक सरदार कॉलोनी निवासी साहिल (16) के पड़ोस में शंटी (15) रहता था। दोनों 11वीं कक्षा के छात्र थे। साहिल के पिता रमेश अंबाला स्थित एक फैक्ट्री में काम करते हैं।
वहीं, शंटी का पिता इलाके में स्थित एक फैक्ट्री में काम करता है। 22 फरवरी को दोनों के परिजनों ने केएन काटजू थाने में उनकी गुमशुदगी की शिकायत की।
शिकायत में बताया कि दोनों बाइक से मंगोलपुरी गए थे। वहां से आने के बाद दोनों कुछ देर में आने की बात कहकर दोबारा घर से निकले थे। लेकिन उसके बाद वापस नहीं आए।
एसीपी ने दिया विधायक को धक्का
परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान बादली नहर के पास उनकी बाइक मिली। परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस ने गोताखोरों को बुलाकर नहर में उनकी तलाश शुरू करवाई।
लेकिन उनका शव नहीं मिला। सोमवार रात को भी इस बात को लेकर परिवार वालों ने हंगामा किया था। मंगलवार सुबह विरोध प्रदर्शन में विधायक महेंद्र यादव भी शामिल हुए।
इस दौरान महेंद्र को मौके पर मौजूद एसीपी ने धक्का दे दिया। इसको लेकर हंगामा शुरू हो गया। हालांकि मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों ने मामला शांत करवा दिया।
बुराड़ी में भी हुई थी आप विधायक से बदसलूकी
इससे पहले बिते शुक्रवार को बुराड़ी इलाके में दो मासूमों के अपहरण की घटना के मामले में दिल्ली पुलिस मामला दर्ज करने को तैयार नहीं थी। ऐसी स्थिति में इलाके के लोगों ने बुराड़ी व मॉडल टाऊन के विधायक से संपर्क किया।
इस मामले में यह भी पता चला कि जब स्थानीय विधायक इस मामले की तहकीकात के लिए थाने पहुंचे तो दिल्ली पुलिस ने स्थानीय विधायकों पर ही राइफल तान दी।
जबकि विधायक संजीव झा व अखिलेश पति त्रिपाठी जनता के प्रतिनिधि हैं। दिल्ली सरकार बच्चों की सुरक्षा मामले में संजीदा है। इस तरह के काम निंदनीय है। सरकार इसमें कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती।
21 फरवरी को दिल्ली सरकार ने इस मामले में जांच की सिफारिश एलजी से की जिस पर अब तक कोई कार्यवाई नहीं हुई है।