रुला देगी नाबालिग की आपबीती: दंपती ने शरीर को चिमटे से दागा, दिन में एक बार देते थे खाना, रूह कांपा देगी कहानी
दंपती जरा सी बात पर उससे मारपीट करते थे। हद तो तब हो गई जब उसे गरम चिमटे से दागा जाने लगा। किशोरी ने अपने चेहरे, हाथ, पैर आदि कई जगहों पर जले हुए और चोट के निशान भी दिखाए।
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अपनी बच्ची की देखभाल के लिए जिस नाबालिग के साथ आरोपी दंपती ने इतने अत्याचार किए, वह काफी देर तक तो यह भी नहीं बता सकी कि उसके साथ क्या-क्या अत्याचार होता है। रेस्क्यू टीम के प्यार-दुलार के काफी देर बाद नाबालिग ने अपनी मासूम निगाहों से खुद पर हुए जुल्म की दास्तां बयां की। अपने शरीर के हर उस अंग को दिखाया जोकि खट्टर दंपती ने उसे गर्म चिमटे से दागकर दिए थे। मासूम के साथ हुए इस अत्याचार की कहानी को देख-सुनकर रेस्क्यू टीम की सदस्यों की आंखों से भी आंसू टपक पड़े।
जरा सा अपनेपन का अहसास हुआ तो मासूम किशोरी की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। उसका कहना था कि करीब पांच छह माह से वह इस दंपती के घर आई थी। एक प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से उसे यह नौकरी मिली थी। दंपती ने कहा था कि उनकी तीन साल की बच्ची का ध्यान रखना होगा। मगर जब यहां आई तो घर का हर काम करना पड़ता था। जरा-जरा सी बात पर उससे मारपीट की जाती थी। हद तो तब हो गई जब उसे गरम चिमटे से दागा जाने लगा। किशोरी ने अपने चेहरे, हाथ, पैर आदि कई जगहों पर जले हुए और चोट के निशान भी दिखाए। उसने बताया कि खाने के नाम पर उसे घर में बचा हुआ खाना दिया जाता था। वह भी दिनभर में सिर्फ एक बार मिलता था। ऐसे में भूख लगने पर वह डस्टबिन में खाना तलाशती थी।
डस्टबिन से खाना निकालकर खाता देख पसीजा दिल
बता दें कि इस मासूम किशोरी को किसी व्यक्ति ने डस्टबिन से ही खाना निकालकर खाते हुए देखा था। इसके बाद उसने समाज सेवी संस्थाओं से संपर्क करके बच्ची को रेस्क्यू कराने की गुजारिश की थी। बीते मंगलवार को रेस्क्यू के बाद पुलिस ने दंपती को भी गिरफ्तार कर लिया था। किशोरी का उपचार कराया जा रहा है। फिलहाल पुलिस को अब किशोरी के परिजनों का इंतजार है। जोकि रांची से आने वाले हैं। इसके बाद किशोरी को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा।