मेट्रो स्टेशनों पर टिकट वेंडिंग मशीनों को रास नहीं आ रहे पुराने नोट
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दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर टोकन काउंटर बंद करके टिकट वेंडिंग मशीनों से टिकट खरीदना यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बनता दिख रहा है। आलम यह है कि पुरानी टिकट वेंडिंग मशीनों में पुराने नोट कई बार स्वीकार नहीं किए जाते और पीक आवर्स में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ स्टेशनों पर टोकन सेल काउंटर चालू हैं तो लोग वहां से टोकन खरीद लेते हैं, लेकिन जिन स्टेशनों पर एक भी टोकन काउंटर नहीं है, वहां यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मशीनों में नए 100 रुपए और 200 रुपए के नोट स्वीकार नहीं किए जा रहे, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है।
डीएमआरसी ने लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैय्या करवाने के उद्देश्य से मेट्रो स्टेशनों पर टिकट वेंडिग मशीनें (टीवीएम) लगायीं है और इन्हीं मशीनों के भरोसे टोकन सेल काउंटर बंद करने शुरू कर दिए। वर्तमान में नए मेट्रो स्टेशनों पर बनाए टोकन सेल काउंटर पर तो किसी स्टाफ की तैनाती नहीं की गई है।
उन स्टेशनों पर टीवीएम के जरिए यात्रा टोकन देने की सुविधा है, जहां टीवीएम मशीन पर एक कर्मचारी की तैनाती भी की गई। डीएमआरसी द्वारा सबसे पहले सैमसंग कंपनी की टीवीएम मशीनें लगाई गयीं थीं, लेकिन पुराने नोट बंदी के बाद इस मशीनों में नए नोट स्वीकार नहीं किए जाते, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
दूसरे फेज में थेल्स कंपनी की टीवीएम मशीनें लगाई गयीं, इनमें में 100 रुपए के नए नोट तो स्वीकार किए जाने लगे हैं, लेकिन अगर पुराना नोट करारा नहीं है तो मशीन नोट को स्वीकार नहीं करती। इन मशीनों में टोकन खरीदने के लिए 10, 20, 50 और 100 रुपए के नोट स्वीकार किए जाते हैं।
इन मशीनों में मेट्रो कार्ड रिचार्ज के लिए 500 रुपए का नोट स्वीकार किया जाता है, और बकाया रुपए भी लौटाने की सुविधा है, लेकिन टोकन के लिए 500 रुपए का नोट स्वीकार नहीं किया जाता। ऐसी स्थिति में यात्रियों को खुले पैसों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
वहीं पुरानी टीवीएम मशीनों में टोकन की निर्धारित राशि की स्वीकार की जाती है, अगर यात्री को 30 रुपए का टोकन खरीदना है तो उसे 30 रुपए ही मशीन में डालने होंगे, यह मशीन 30 रुपए के टोकन की सेल के लिए 50 रुपए का नोट स्वीकार नहीं करती।
इसके साथ ही अगर 10 और 20 के नोटों का कागज करारा नहीं है तो भी मशीन नोट स्वीकार नहीं करती। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। राजीव चौक जैसे बड़े मेट्रो स्टेशनों पर भी टोकन सेल काउंटर की संख्या घटाकर आधी कर दी गई है।
क्या कहता है डीएमआरसी प्रबंधन
स्टेशनों पर टोकन सेल काउंटर बंद करने के संबंध डीएमआरसी सूत्रों का कहना है कि टीवीएम मशीनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए और मेट्रो की आय के स्रोत बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। मशीनों की तकनीक को और बेहतर करने की भी बात कही है। सूत्रों की मानें तो टोकन सेल काउंटर पर स्टाफ की तैनाती की तुलना में टीवीएम ज्यादा किफायती साबित हो रही हैं।