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अलर्ट: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार समेत देश के 13 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

Mon, 16 Sep 2019 03:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 16 Sep 2019 03:43 AM IST
सार

  • अगले तीन दिनों में देश के  कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है
  • 16 से 18 सितंबर तक उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश हो सकती है
  • इस साल उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश हुई है

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Meteorological Department Warns of Heavy Rain in 13 States Including UP
भारी बारिश और बाढ़ का खतरा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तर प्रदेश समेत 13 राज्यों में सोमवार को भारी बारिश की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जानकारी दी है कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। 

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सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों, सिक्किम, अंडमान निकोबार और मेघालय में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है जबकि मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, बिहार, गुजरात, आंध्र प्रदेश के कई, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में भी भारी बारिश हो सकती है। 
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दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में 34 तो राजस्थान में 36 फीसदी सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के भोपाल कार्यालय के वरिष्ठ मेट्रोलॉजिस्ट जीडी मिश्रा ने कहा कि पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, लेकिन पश्चिमी हिस्से में मानसून अब भी पूरी तरह सक्रिय है। इसके चलते इंदौर, मंदसौर, नीमच, आगर मालवा और अलीराजपुर समेत 10 जिलो में सोमवार सुबह भी भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल समेत 32 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है।

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इसके अलावा अगले दो दिन गुजरात, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र सहित दक्षिण के प्रमुख पांच राज्यों के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इस साल उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं हरियाणा में अभी तक 41 फीसदी और बिहार में सामान्य से 22 फीसदी कम बारिश हुई है। 

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते हटाने पड़े 16 हजार लोग

Meteorological Department Warns of Heavy Rain in 13 States Including UP
heavy rain - फोटो : Social

मध्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच जिलों में कई दिन से चल रही भारी बारिश के कारण हालात बेहद विषम हो गए हैं। तमाम जगह भारी जलभराव के कारण दोनों जिलों में रविवार को करीब 16 हजार लोगों को विस्थापित कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नीमच के मानसा कस्बे में रविवार सुबह तक पिछले 24 घंटे के दौरान 243 मिलीमीटर बारिश, जबकि मंदसौर जिले में 218 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी थी। भारतीय मौसम विभाग ने दोनों पड़ोसी जिलों में सोमवार सुबह तक और ज्यादा बारिश होने का अनुमान जताया है।

मंदसौर के पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने फोन पर बताया कि करीब 100 से 125 गांवों के 13 से 14 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें से कुछ गांव पूरी तरह खाली हो गए हैं, जबकि अन्य में अब भी कुछ लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा, बचाव अभियान पूरे जोर से चल रहा है। हम हालात पर करीब से नजर रखे हुए हैं।

दूसरी तरफ, नीमच कलेक्ट्रेट में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि मंदसौर के गांधी सागर बांध में पानी के खतरे का स्तर पार कर लेने के चलते नीमच जिले के बाढ़ से ग्रस्त रामपुरा कस्बे से करीब 2300 लोगों को निकाल लिया गया है। बचावकर्मी बाढ़ पीड़ित लोगों को रविवार को राहत शिविरों में पहुंचाने तक पूरी रात काम में जुटे रहे।

गांधी सागर बांध प्रोजेक्ट के एसडीओ एनपी देव ने बताया कि भारी बारिश के बाद बांध के 19 दरवाजे खोलने पड़े थे, जिनसे करीब 4.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यही पानी निचले क्षेत्रों और राजस्थान सीमा से लगे नीमच जिले के विभिन्न हिस्सों में भर गया है।

सामान्य से तीन गुनी ज्यादा बारिश

  • 1927.8 मिमी बारिश हो चुकी है मंदसौर में 1 जून से अब तक
  • 742.1 मिमी बारिश ही होती है सामान्य तौर पर इस जिले में
  • 1569.7 मिमी बारिश हो चुकी है नीमच में 1 जून से अब तक
  • 706.9 मिमी बारिश का है इस जिले का सामान्य कोटा

बलिया, गाजीपुर, वाराणसी और चंदौली में गंगा ‘लाल निशान’ के पार

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गंगा का जलस्तर रुका। - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और कानपुर, हरिद्वार के बैराज के अलावा नरौरा डैम से पानी छोड़े जाने के कारण पूर्वांचल में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को बलिया और गाजीपुर में गंगा खतरे के निशान को पार कर गई। वाराणसी में जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर लाल निशान की ओर बढ़ रहा है। बलिया में एक स्कूल, पानी की टंकी और कई घर नदी में समा गए। प्रशासन के मुताबिक गाजीपुर में 12 सौ गांवों में गंगा का पानी घुस गया है। नदी किनारे के गांवों से लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, मिर्जापुर और भदोही में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।

बलिया में लाल निशान से 1.27 मीटर ऊपर बह रही गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। रविवार को नदी का जलस्तर 58.880 मीटर दर्ज किया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुघरछपरा का भवन और केहरपुर में पानी की टंकी और अन्य गांवों में 12 से ज्यादा मकान ढह गए। केहरपुर, सुघरछपरा, जगछपरा, दुबेछपरा, गोपालपुर जैसे गांवों के लोग खौफजदा हैं। डीएम भवानी सिंह खंगारौत व क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह ने सुबह दुबेछपरा रिंग बंधे का निरीक्षण किया। उन्होंने बंधे को हर हाल में बचाने का निर्देश बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता को दिया।

गाजीपुर में भी गंगा ने खतरे के निशान 63.105 मीटर को पार कर लिया है। यहां शाम को जलस्तर 63.250 मीटर तक पहुंच गया था। भदोही में देर शाम जलस्तर 78.840 मीटर पर था। यहां जलस्तर पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। मिर्जापुर में जलस्तर 76.520 मीटर रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। चंदौली में गंगा चेतावनी बिंदु को पार कर गई।  

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु पार कर 70.32 मीटर पर बह रही है। वाराणसी में चेतावनी बिंदु 70.26 और खतरे का निशान 71.26 मीटर पर है। प्रशासन ने तटवर्ती लोगों को अलर्ट करने के साथ ही साथ पीएससी, पुलिस व एनडीआरएफ  के जवानों को अलर्ट कर दिया है। यहां वरुणा भी उफान पर है। घरों में पानी घुस गया है।

उत्तराखंड में पहाड़ी दरकने से थल-मुनस्यारी सड़क बंद, 100 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त

पिथौरागढ़ के नाचनी से डेढ़ किमी आगे नया बस्ती में थल-मुनस्यारी मार्ग शनिवार रात पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर आ गिरा। इससे मार्ग का करीब सौ मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। लोग वाहन बदलकर गंतव्य को गए। पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है, जिससे लोगों को पहाड़ चढ़कर क्षतिग्रस्त हिस्से को पार करना पड़ रहा है।

लोनिवि के अवर अभियंता विनीत सैनी अधिकारी सोमवार को सड़क खुलने की बात कह रहे हैं। भूस्खलन क्षेत्र रातीगाड़ में हल्के वाहनों के लिए सड़क खुल गई है। मौसम विज्ञान ने 16 सितंबर को कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई है। जिला प्रशासन ने चेतावनी को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट कर दिया है।

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