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फज्र की नमाज से जारी हुआ था अमन का संदेश, लोगों ने किया सम्मान

Sun, 10 Nov 2019 05:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा शुजात आलम, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
शुजात आलम, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 10 Nov 2019 05:27 AM IST
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message of peace was delivered from jama masjid
फाइल फोटो

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जामा मस्जिद में सुबह दिन निकलने से पहले जैसे ही फज्र की अजान (सुबह की अजान) हुई लोग नमाज अदा करने मस्जिद पहुंच गए। नमाज के बाद जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने लोगों से हर हाल में अमन कायम रखने की अपील की। 

इससे पूर्व शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान अपने खुत्बे (भाषण) में शाही इमाम ने कहा था कि चाहे फैसला कुछ भी आए, हम मुल्क का अमनो-अमान कायम रखेंगे। 

हुआ भी ऐसा ही, फैसला आने के बाद लोगों ने उसका सम्मान करते हुए कहा कि उन्हें अपने मुल्क के आईंन (संविधान) पर पूरा भरोसा है। मुल्क की सबसे बड़ी अदालत देश के हित में जो भी फैसला करेगी वह उसको अपने सिर-आंखों पर रखेंगे।
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जामा मस्जिद अमन कमेटी के अध्यक्ष शहजाद खान ने बताया कि इमाम अहमद बुखारी की अपील को लोगों ने माना है। लोग फैसले का सम्मान कर रहे हैं। शहजाद ने बताया कि दंगों से आज तक किसी को कुछ नही मिला है। मजहब से बड़ा मुल्क है। शहजाद ने बड़े फख्र से बताया कि बाबरी मस्जिद ढांचा गिराए जाने के बाद 1992 में भी यहां लगभग शांति थी। 
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उस समय देश के कई हिस्सों में कफ्र्यू लगा था, लेकिन जामा मस्जिद इलाके में तब भी शांति थी। शहजाद ने कहा कि फैसला आने के बाद वह राम मंदिर बनने का समर्थन करते हैं। राम मंदिर निर्माण में यदि उनका कोई योगदान हो सकता है तो उन्हें खुशी होगी। शहजाद ने आम लोगों से अपील की है कि वह सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों से बचे और ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान भी न दे।

लोगों ने कहा...

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अदब करते हैं, जो फैसला आया है उसका पालन सबको करना है, कोर्ट ने बहुत सोच-समझकर और मुल्क की बेहतरी के लिए अपना फैसला सुनाया है।
निजामुद्दीन, जामा मस्जि पर किताबों की दुकान चलाने वाले शख्स

कोर्ट के फैसले को दिलो-जान से मानते हैं, हार-जीत किसी की नही हुई है, जिनके पक्ष में फैसला आया है, वह भी तो हमारे भाईं हैं, हमेशा एक पाता है दूसरा खोता है, इसका यह मतलब नही किसी की जीत हुई तो किसी की हार।
मोहम्मद साजिद, मटिया महल, जामा मस्जिद निवासी

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सोच समझकर फैसला दिया है, यह अमन का फैसला है, मुल्क की तरक्की तभी होगी जब हम एक-दूसरे के साथ बिना भेदभाव के मिल-जुलकर रहेंगे, सबसे अपील करता हूं कि पूरे मुल्क में अमनो-अमान कायम रखें।
मोहम्मद असलम, बाड़ा हिन्दूराव निवासी

गुजरात से आए परिवार ने कहा अल्लाह का यही हुक्म है...
गुजरात के अहमदाबाद से आए मोहम्मद जावेद ने कहा कि अल्लाह के हुक्म के बगैर दुनिया में पत्ता भी नही हिलता है। शनिवार को अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है वह अल्लाह का ही हुक्म है। जावेद ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश की सबसे बड़ी अदालत ने कभी गलत फैसला नही दिया। आज भी अदालत ने बहुत सोच-समझकर अपना फैसला सुनाया है। वह खुदा से दुआ करते हैं कि मुल्क में अमन कायम रहे। गुजरात में रेडिमेड गारमेंट का कारोबार करने वाले जावेद के परिवार के 10 सदस्य दिल्ली घूमने आए हुए थे।

अयोध्या मामले में फैसले की कॉपी मिलने के बाद उस पर कानून के माहिर लोगों से बातचीत करने के बाद ही जामा मस्जिद की ओर से कोई बयान जारी किया जाएगा।
 सैयद अहमद बुखारी, शाही इमाम, जामा मस्जिद, दिल्ली

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