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Shortage of Meat: दिल्ली में हो सकती है मीट की किल्लत, दाम बढ़ने के भी आसार
Thu, 02 Jun 2022 10:03 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 02 Jun 2022 10:03 PM IST
सार
गाजीपुर बूचड़खाने में प्रतिदिन 1500 भैंस व 13500 भेड़ और बकरियों को काटा जा सकता है।
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मीट की दुकान (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली का गाजीपुर बूचड़खाना बंद होने से मीट के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही बूचड़खाने को नहीं खोला गया तो बाजार में मीट की कमी होगी, जिससे मीट के दामों में बढ़ोतरी की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। हालांकि, बीते एक दिन पहले तक मीट की कमी नहीं हुई है।
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दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का पालन करते हुए पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने पर 30 मई को बूचड़खाने का बंद करने का आदेश दिया था। इस बूचड़खाने को 2009 में शुरू किया गया था। यहां प्रतिदिन 1500 भैंस व 13500 भेड़ और बकरियों को काटा जा सकता है।
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दिल्ली मीट मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अरशद अली कुरैशी के मुताबिक, यदि अगले कुछ दिनों में बूचड़खाना नहीं खुला तो शहर में मांस की कमी हो सकती है। इससे कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही इससे पशुओं के अवैध स्लॉटरिंग को लेकर भी बढ़ावा मिलेगा।
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उन्होंने मांग की कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बूचड़खाना जल्द से जल्द खोला जाए, ताकि लोगों को परेशानी न हो। एक अन्य मांस व्यापारी और एसोसिएशन के सदस्य यूनुस कुरैशी के मुताबिक, वर्तमान में मांस के पुराने स्टॉक को बाहर किया जा रहा है, लेकिन बूचड़खाना बंद होने से निश्चित रूप से मांस की कमी होगी, जिससे कीमतों में वृद्धि की जाएगी। अधिकारियों को इसे खोलना चाहिए, वहीं जो समस्याएं आ रही हैं उनका हल करना चाहिए।