Delhi: महापौर महापौर शैली ओबरॉय ने स्कूलों में एसएमसी गठन के दिए निर्देश, शिक्षा मॉडल में बदलाव लाना मकसद
महापौर शैली ओबरॉय ने कहा कि स्कूल प्रधानाचार्य एसएमसी के पदेन अध्यक्ष होंगे, वहीं अभिभावकों में से उपाध्यक्ष बनाए जाएंगे। समिति के सदस्य शिक्षक, संयोजक के रूप में कार्य करेंगे। समिति दो महीने में कम से कम एक बार बैठक करेगी।
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एमसीडी के शिक्षा मॉडल में बदलाव लाने के उद्देश्य से महापौर ने सभी स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के गठन का निर्देश दिया है। इसके अलावा उन्होंने एसएमसी की संरचना और कार्यों को निर्धारित किया। एसएमसी में 16 से कम सदस्य नहीं होंगे। इनमें से 75 फीसदी बच्चों के अभिभावकों और शेष 25 फीसदी सदस्य स्कूल के प्रमुखों, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय प्रतिनिधि होंगे।
महापौर शैली ओबरॉय ने कहा कि स्कूल प्रधानाचार्य एसएमसी के पदेन अध्यक्ष होंगे, वहीं अभिभावकों में से उपाध्यक्ष बनाए जाएंगे। समिति के सदस्य शिक्षक, संयोजक के रूप में कार्य करेंगे। समिति दो महीने में कम से कम एक बार बैठक करेगी। एसएमसी सभी बच्चों के दाखिले-उपस्थिति की भी निगरानी करेगी। स्कूल की जरूरतों और मिड-डे मील कार्यक्रम के कार्यान्वयन में मदद करेगी। इसके गठन को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से सभी एमसीडी स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। अगर चुनाव कराने की आवश्यकता होगी, तो उसके लिए भी गाइडलाइंस जारी की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नए एसएमसी का गठन अधिनियम और नियमों के अनुसार किया जाए।
एसएमसी की जिम्मेदारियों में स्कूल के कामकाज की निगरानी करना, स्कूल विकास योजना तैयार करना, उसकी सिफारिश करना और अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना शामिल है। एसएमसी का गठन से दिल्ली सरकार के समान गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए तत्पर रहेंगे।