फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   many hospitals do not even have the facility of lung chekup doctor's shortage

पड़तालः कई अस्पतालों में फेफड़ों की जांच की सुविधा तक नहीं, कहीं डॉक्टर की कमी

Tue, 19 Mar 2019 03:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 19 Mar 2019 03:05 AM IST
विज्ञापन
many hospitals do not even have the facility of lung chekup doctor's shortage
demo pic

हाल ही में सामने आई आईक्यू एयर विजुअल 2018 की रिपोर्ट में सबसे प्रदूषित शहरों में से एक दिल्ली में फेफड़ों के इलाज के लिए लोगों को अस्पतालों में किस तरह भटकना पड़ रहा है इसका खुलासा सरकारी अस्पतालों की पड़ताल में हुआ है। 

विज्ञापन


ज्यादातर अस्पतालों में फेफड़ों की जांच यानी स्पाइरोमीटरी टेस्ट तक नहीं मिला। जांच के लिए मरीज को सीधे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। दिल्ली सरकार के 37 अस्पताल हैं, जिनमें से तीन में फुफ्फुसीए रोग विशेषज्ञ और स्पाइरोमीटरी जांच की ही सुविधा है, जबकि दो अस्पतालों में केवल डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। 
विज्ञापन


नाम न छापने की शर्त पर एक डॉक्टर ने कहा कि स्पाइरोमीटरी जांच बेशक बेहतर है, लेकिन सुविधा न होने के कारण उनके पास रेफर करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। वे स्वयं कई बार इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास कर चुके हैं। वहीं राजधानी के निजी अस्पताल मैक्स, फोर्टिस, अपोलो, पुष्पवति सिंघानिया, बीएलके जैसे अस्पतालों में ये सुविधा है, लेकिन फीस ज्यादा होने के कारण लोगों का पहला विकल्प नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये हाल तब है जब देश में प्रदूषण से होने वाले काला दमा (सीओपीडी) दूसरी सर्वाधिक मौत वाली बीमारी है। अकेले एम्स में ही पिछले तीन साल के दौरान फेफड़ों की जांच करने वालों की तादाद 14 हजार से ऊपर जा चुकी है। एम्स के अनुसार वर्ष 2018 में उनके यहां 13567 मरीजों ने स्पाइरोमीटरी जांच कराई थी, जिसमें करीब 60 फीसदी लोगों के फेफड़े सिकुड़े मिले। जबकि इस साल अब तक 1255 रोगी ये जांच करा चुके हैं। एम्स के फुफ्फुसीए रोग विशेषज्ञ डॉ. करन मदान का कहना है कि स्पाइरोमीटरी जांच से सीपीओडी जैसे रोगों की पहचान आसान होती है। लोगों को भी समय समय पर ये जांच करानी चाहिए, ताकि फेफड़ों से जुड़े रोगों की पहचान समय पर की जा सके।
 

महज इन अस्पतालों में ही है सुविधा

एम्स, सफदरजंग, आरएमएल अस्पताल के अलावा दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल, ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और पूर्वी दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल में फेफड़ों की जांच यानी स्पाइरोमीटरी टेस्ट उपलब्ध है। इनके अलावा वल्लभ भाई पटेल इंस्टीट्यूट में भी सुविधा है। जबकि रोहिणी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर और डीडीयू अस्पताल में स्पाइरोमीटरी टेस्ट नहीं होता, हालांकि यहां फुफ्फुसीए रोग विशेषज्ञों की ओपीडी होती है। 

क्यों जरूरी है स्पाइरोमीटरी जांच
स्पाइरोमीटरी जांच फेफड़ों की कार्यशैली की पुख्ता जानकारी देती है। इससे ये पता आसानी से चल जाता है कि आपके फेफड़े कितने फीसदी कार्य कर रहे हैं। कई बार अस्थमा, श्वसन, काला दमा यानी सीओपीडी के मरीज में रोग की पहचान नहीं हो पाती है। इन मरीजों में स्पाइरोमीटरी जांच सटीक विकल्प माना जाता है। 

क्या कहती है रिसर्च
पुणे स्थित चेस्ट रिसर्च फाउंडेरशन ने साल 2005 से 2013 के बीच स्पाइरोमीटरी को लेकर देश के 5 हजार डॉक्टरों पर किए अध्ययन में कहा है कि देश में स्पाइरोमीटरी जांच करीब 30 फीसदी अस्पतालों में ही है। अध्ययन में ये भी कहा गया कि देश के ज्यादातर डॉक्टर अभी भी स्पाइरोमीटरी जांच के बारे में नहीं जानते हैं। इसे लेकर डॉक्टर व जनता को जागरूक होने की जरूरत है। 
इलाज के लिए आना पड़ता है एम्स
रोहिणी सेक्टर 21 निवासी 35 वर्षीय पंकज वर्मा बताते हैं कि उनकी पत्नी सीओपीडी मरीज हैं। करीब तीन वर्ष पहले जब उनकी पत्नी को सांस लेने में तकलीफ हुई तो वे भीमराव आंबेडकर अस्पताल सहित कई अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन पर्याप्त उपचार न मिलने के कारण वे एम्स पहुंचे। फिलहाल एम्स में ही उनका उपचार चल रहा है। स्पाइरोमीटरी जांच उन्होंने वहीं कराई थी। 

डॉक्टरों को ही नहीं पता रोग व जांच
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी महेश चंद्र शर्मा बताते हैं कि उन्हें डेढ़ वर्ष पहले ही सीओपीडी रोग की पहचान हुई। प्रारंभ में वे लक्ष्मी नगर और फिर पतपड़ग़ंज स्थित कई डॉक्टरों से मिले, जिन्हें रोग और जांच के बारे में जानकारी तक नहीं थी। इसके बाद सफदरजंग अस्पताल में उन्हें जांच के दौरान इसकी जानकारी मिली। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed