फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   mans Injured in Yemen war being treated in Gurugram

यमन युद्ध में घायलों का यहां चल रहा इलाज, यूएई सरकार ने की मदद

Sun, 15 Jul 2018 04:01 AM IST
शाहनवाज आलम, अमर उजाला, गुरुग्राम
शाहनवाज आलम, अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Sun, 15 Jul 2018 04:01 AM IST
विज्ञापन
mans Injured in Yemen war being treated in Gurugram
Yemen war

यमन में तीन वर्ष से चल रहे युद्ध के घायलों को गुरुग्राम में जीवन की रोशनी मिल रही है। भारत सरकार के मेडिकल-डिप्लोमेसी के तहत में एक साथ यमन से 53 घायल लोग इलाज के लिए यहां पहुंचे हैं। इनमें 8 सैनिक के साथ वहां के नागरिक हैं। 

विज्ञापन


वो न केवल बम के धमाके से घायल हुए हैं, बल्कि पोस्ट वार साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर से भी ग्रस्त हैं। इनमें दो बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें न तो बम का इल्म है और न ही युद्ध का, मगर आज बम के धमाके ने कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया है। इन सभी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार की मदद से यहां लाया गया है।
विज्ञापन


इन्हीं में शामिल है 10 वर्ष का अराफात अब्दुल। घर के बाहर खेलते हुए एक धमाका हुआ और उसकी एक आंख की रोशनी चली गई। यमन के अदन बंदरगाह (एडेन पोर्ट) का रहने वाला हसन उस मंजर को कभी नहीं भूल पाता, जब वो बम धमाके का शिकार हुआ था। लेकिन आंख से भी ज्यादा बड़ा दर्द ये है कि युद्ध में अपने पिता को खो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अराफत के चचा अब्दुल हब उसकी आंख के इलाज के लिए मानेसर के वीपीएस रॉकलैंड अस्पताल लेकर आए हैं। इसी तरह 6 वर्षीय हसन है। जिसकी बम धमाके में आंख की रोशनी चली गई है। अब इन दोनों का गुरुग्राम में इलाज चल रहा है। जल्द ही इनकी आंखों की रोशनी लौटने की उम्मीद है।

mans Injured in Yemen war being treated in Gurugram
Yemen war

इसके अलावा इन घायलों में अधिकतर ऐसे हैं, जो गोलियों और बम-धमाकों की चोटों के साथ-साथ बुरी तरह जख्मी हो गए थे। कुछ के तो पैर तक डॉक्टरों को काटने पड़े हैं। कुछ अब भी मानसिक तौर से भी पीड़ित हैं।

इनके इलाज करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक, ये सभी पोस्ट-वॉर साइक्लोजिकल डिसओर्डर से ग्रस्त हैं। यही वजह है कि इन सभी घायलों की ऊपरी घाव भरने के साथ साथ इन सभी की साइकिलोजिक्ल काउंसलिंग भी की जा रही है। 

कुछ महत्वपूर्ण जानकारी
-तीन सालों से यमन में बने हुए हैं युद्ध के हालात
-बेहतर इलाज के लिए यूएई जैसे देश इलाज के लिए भारत भेज रहे हैं
-गृह युद्ध के रूप में 2015 से शुरू हुआ था यमन में युद्ध 
-अल-हुथी नाम के विद्रोही संगठन ने सरकार का तख्ता पलट कर राजधानी साना पर कब्जा किया था
-यूएई व सऊदी अरब ने यमन का साथ देकर अल-हुथी के खिलाफ जंग छेड़ दी
-ईरान ने हुथी संगठन का समर्थन कर युद्ध को बढ़ावा दिया

यूएई सरकार के प्रवक्ता जेसर सालेर ने कहा कि 74 लोग यमन से आए हैं। इनमें 53 मरीज हैं और बाकी तीमरदार हैं। युद्ध के कारण उन्हें कई तरह की समस्याएं है। ये सभी लोग सुबह उठाने पर चौंककर उठ जाते हैं, थोड़ी सी भी तेज आवाज से डर जाते हैं। धीरे-धीरे सब ठीक हो रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed