PWD घोटाले पर मनोज तिवारी का केजरीवाल से सवाल- क्या माफिया थे आपके साढ़ू?
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दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने शनिवार को पीडब्ल्यूडी घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला किया। उन्होंने अपने निवास पर संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के साढू सुरेंद्र बंसल (अब मृत) ना सिर्फ फर्जी बिल के माध्यम से कमाई कर रहे थे, बल्कि वह अधिकारियों को भी धमकाते थे। उन्होंने अपने आरोप के समर्थन में एक चिट्ठी भी दिखाई।
तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के साढू के कारनामों से लगता है कि वह एक माफिया थे, क्योंकि सुरेंद्र बंसल की कंपनी गलत बिल भुगतान के लिए पहले नालों को तोड़कर उसे बनाने का टेंडर जारी करवाकर काम हासिल करती थी और नाला बनाए बगैर भुगतान करा लेती थी।
इस संबंध में जब एक अधिकारी ने इसकी शिकायत की तो उसे धमकाया गया। उन्होंने दावा किया कि इस अधिकारी ने नांगलोई थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
तिवारी ने कहा कि केजरीवाल इस्तीफा देकर अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाएं। कपिल मिश्रा के आरोपों का जवाब देने के बजाय केजरीवाल ने अपने एक विधायक को धरना देने के लिए भेज दिया। केजरीवाल को धरने की राजनीति से ऊपर उठकर भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देना चाहिए।
'अपने रिश्तेदारों की कंपनियों को संरक्षण देते हैं केजरीवाल'
तिवारी ने कहा कि केजरीवाल शुरू से ही अपने संबंधी की कंपनियों को संरक्षण देते रहे हैं, जिन्होंने निर्माण या मरम्मत के आदेश प्राप्त करने के लिए नाले एवं नालियों या सड़कों को नुकसान पहुंचा कर इसी प्रकार के घोटाले किए। सच्चाई यह है कि अनेक मामलों में मरम्मत का कोई काम नहीं किया गया, लेकिन जाली कंप्लीशन सर्टिफिकेट पर उन्हें भुगतान कर दिया गया।
उन्होंने ऐसे घोटालों में मुख्यमंत्री और उनके कार्यालय की भूमिका की एसीबी या फिर सीबीआई से तुरंत जांच की मांग की।