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नई क्वारंटीन व्यवस्था को लेकर फिर बोले सिसोदिया- यह मॉडल की लड़ाई नहीं, लोगों को सुविधा देना है प्राथमिकता
Wed, 24 Jun 2020 02:55 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 24 Jun 2020 02:55 PM IST
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मनीष सिसोदिया
- फोटो : एएनआई
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दिल्ली के होम आइसोलेशन का मामला अब केंद्रीय गृहमंत्री के दरबार में पहुंच गया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गृहमंत्री अमित शाह का पत्र लिखकर मामले में दखल देकर पुरानी व्यवस्था लागू करवाने की मांग की है। सिसोदिया ने लिखा है कि उपराज्यपाल के आदेश से लागू की गई नई व्यवस्था से मेडिकल और प्रशासनिक सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। साथ ही मरीजों को परेशानी हो रही है। ऐसे में नई व्यवस्था खत्म करवा करके गृह मंत्री पुरानी व्यवस्था लागू करवाएं।
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मनीष सिसोदिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस वक्त दिल्ली में हर दिन 3 हजार से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव के नए मामले आ रहे हैं। बुधवार को उपराज्यपाल को पत्र लिखकर उनके संज्ञान में लाया गया था कि उनकी तरफ से लागू नई व्यवस्था में कोरोना पॉजिटिव हर मरीज को क्वारन्टीन सेंटर जाना है। जबकि अमूमन संक्रमित होने पर लोग या तो अस्पताल जाना चाहते हैं या घर पर रहकर इलाज करवाते हैं।
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घर में इंतजाम न होने पर ही उनको क्वारन्टीन सेंटर में भेजा जाए। वहीं, आज एलजी साहब के आदेश की वजह से हर व्यक्ति को, चाहे उसके घर मे व्यवस्था है या नहीं है, उसे अस्पताल जाना है या नहीं जाना है, लेकिन उसे क्वारन्टीन सेंटर जाना आवश्यक हो गया है।
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मनीष सिसोदिया के मुताबिक, हर मरीज को क्वरंटीन भेजने की नई व्यवस्था से प्रशासन और मेडिकल सिस्टम पर भी बोझ बढ़ गया है। पूरा का पूरा एंबुलेंस सिस्टम दबाव में है। बसों में भर कर लोगों को ले जाना पड़ रहा है। आज बड़े स्तर पर जांच हो रही है। प्रशासन बसों की व्यवस्था करता है और सभी लोगों को बसों में बैठा कर क्वारन्टीन सेंटर लेकर जाना पड़ रहा है। इससे दिल्ली में अफरा-तफरी मच गई है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह नया मॉडल ठीक नहीं है। उपराज्यपाल से गुजारिश की गई थी कि पुराने मॉडल को लागू किया जाए, जिसमें बीमार होने पर दिल्ली सरकार की टीम उसके घर जाती थी। जरूरत होने पर उसे अस्पताल या क्वरंटीन सेंटर भेजा जाता था। बावजूद इसके उपराज्यपाल ने कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में अब इस संबंध में गृहमंत्री अमित शाह को भी चिट्ठी लिखी है। इसमें उनसे गुजारिश की गई है कि वह खुद दिल्ली में खुद हस्तक्षेप कर रहे हैं। आप काफी सक्रिय रूप से और सहयोगात्मक रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं। यह जो नई व्यवस्था लागू हो गई है, इसको बंद करवाइए, नहीं तो इसकी वजह से पूरी दिल्ली में हाहाकार मच जाएगा। मनीष सिसोदिया ने उम्मीद जताई कि वह वह इसमें हस्तक्षेप कर दिल्लीवालों को जल्द समस्या से निजात दिलाएंगे।
केजरीवाल ने की उपराज्यपाल व केंद्र सरकार से अपील
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार व उपराज्यपाल से अपील की कि वह होम क्वरंटीन की पुरानी को लागू करवाएं। केजरीवाल के मुताबिक, दिल्ली का होम आइसोलेशन प्लान बेहतर तरीके से काम कर रहा था। इस दौरान निजी तौर पर कई मरीजों से बात हुई थी। वह खुद भी इसे अच्छा बता रहे थे। केंद्र सरकार और उपराज्पाल से गुजारिश है कि पुराने सिस्टम को बहाल करें।
कोविड केयर सेंटर जाने वाले मरीजों की संख्या घटी
अधिकारियों को कहना है कि उपराज्याल की नई व्यवस्था ने न सिर्फ चिकित्सा व्यवस्था पर दबाव डाला है, बल्कि कोरोना संक्रमित मरीज भी सीमित संख्या में कोविड केयर सेंटर पहुंच रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि उपराज्याल का आदेश आने के बाद संक्रमण के करीब करीब पंद्रह हजार नए मामले आए हैं, लेकिन कोविड केयर सेंटर तक पहुंचने वालों की संख्या 450 के करीब है। स्पष्ट है कि मरीजों को न तो घर पर सलाह मिल रही है, न ही वह कोविड केयर सेंटर पहुंच रहे हैं। इससे मरीज व उनके घर वाले परेशान हैं। मरीजों की दैनिक देखभाल भी मुश्किल हो रही है।