'एक साल बाद ये है मोदी का सबसे बड़ा यू-टर्न'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ओर केंद्र में एनडीए सरकार अपने एक साल पूरे होने पर देशभर में रैलियां कर लोगों को अपने काम के बारे में बताने में लगी हुई है जबकि दिल्ली में अभी महज सौ दिन पूरे करने वाली आम आदमी पार्टी भी इस मौके को गंवाना नहीं चाहती।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए साफ कहा कि इनसे बड़ी यूटर्न सरकार और कोई हो नहीं सकती क्योंकि दिल्ली में प्रधानमंत्री ने रैली करके दिल्लीवालों से जो वादा किया था उसे एक साल बाद भी पूरा करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने से पहले भारतीय जनता पार्टी और खुद प्रधानमंत्री ये कहते रहे हैं कि वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के पक्ष में हैं लेकिन, दिल्ली में सरकार बनने के बाद भी उन्होंने इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया है।
सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार का इससे बड़ा यूटर्न और क्या हो सकता है कि जिस मुद्दे पर वह चुनाव लड़ कर आए उसी से पलट गए। दिल्ली में एलजी के राज्य सरकार से टकराव पर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की।
शासन का शौक है तो चुनाव जीत कर आएं
मनीष सिसोदिया ने कहा कि अगर एलजी राज्य में भ्रष्टाचार खतम करना चाहते हैं और एंटी करप्शन ब्यूरो का नियंतत्रण अपने हाथ में लेना चाहते हैं तो उन्होंने दिल्ली में भ्रष्टाचार रोकने के लिए तब कदम क्यों नहीं उठाया जब यहां कोई सरकार नहीं थी और पूरी सत्ता उनके ही हाथों में थी।
एलजी पर हमला बोलते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर उन्हें सरकार चलाने का इतना ही शौक है तो चुनाव लड़ कर आएं, मुख्यमंत्री बनें और सरकार चलाएं।
उन्होंने साफ किया कि दिल्ली में किसी भी तरह से किसी की दादागिरी नहीं चलने दी जाएगी। हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि वह केवल अधिकारियों और कर्मचारियों को ही निशाना क्यों बना रहे हैं और क्यों किसी बड़े नाम पर हमला नहीं कर रहे हैं?
ताो मनीष ने कहा कि हम सभी स्तर के भ्रष्ट लोगें के खिलाफ काम कर रहे हैं। हमने 49 दिन की पहली सरकार में ही रिलायंस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी जिस पर रोज ही कुछ न कुछ कदम उठाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बड़े नामों के खिलाफ भी कार्यकाई की पूरी तैयारी है लेकिन वह उन नामों का खुलासा अभी नहीं कर सकते।
विधानसभा के विशेष अधिवेशन में होगी चर्चा
इस बीच एलजी से तकरार और गृहमंत्रालय के नोटिफिकेशन पर चर्चा करने के लिए दिल्ली सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र 26 व 27 मई को बुलाया है।
इससे पहले सोमवार को आप सरकार के सौ दिन पूरा होने और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली सरकार कनॉट प्लेस में रैली भी आयोजित कर रही है।
इस रैली में दिल्ली के मुख्यमंत्री सहित पूरी कैबिनेट मौजूद रहेगी। आप का कहना है कि इस रैली मे आम जनता सीधे दिल्ली सरकार और उनके मंत्रियों से सवाल पूछ सकती है व जवाब मांग सकती है।
बता दें कि सोमवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी सरकार की उपलब्धियों को बताने के लिए मथुरा में रैली करेंगे। जबकि ठीक इसी समय दिल्ली में केजरीवाल की रैली होगी जिसमे जनता सीधे नेताओं से संवाद कर सकेगी।
केजरीवाल के घर मीटिंग में तय हुई रणनीति
इन सबके बीच रविवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर आप विधायकों की बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में तय किया गया है कि गृहमंत्रालय के नोटिफिकेशन का क्या और कैसे जवाब देना है।
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए आप नेता अलका लांबा ने बताया कि अगर चुने हुए मुख्यमंत्री को किसी अधिकारी को सस्पेंड करने या नियुक्त करने का अधिकार नहीं है तो फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि गृहमंत्रालय का नोटिफिकेशन न सिर्फ गैरसंवैधानिक है, बल्कि यह लोकतंत्र के आधारभूत सिद्घांतों के भी खिलाफ है। इस बीच आम आदमी पार्टी से अलग हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए।
योगेंद्र ने कहा कि जैसे अन्य राज्यों में मुख्यमंत्रियों के पास अपने पसंद के अधिकारियों का चुनने का अधिकार है ठीक वैसे ही दिल्ली के मुख्यमंत्री को भी यह अधिकार होना चाहिए।