फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   man standing in que to get cash for last rituals din not got money

दादी की तेरहवीं के लिए पैसे लेने पहुंचे बैंक, नंबर आने से पहले ही खत्म हो गया कैश

Fri, 02 Dec 2016 04:39 PM IST
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 02 Dec 2016 04:39 PM IST
सार

दादी की तेरहवीं के लिए नहीं मिले 2000
- बैंक की लाइन में लगे शख्स का नंबर आने से पहले ही खत्म हुई नकदी

विज्ञापन
man standing in que to get cash for last rituals  din not got money
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बैंकों के बाहर बृहस्पतिवार को भी घंटों लाइन में लगने के बावजूद कइयों को नकदी नहीं मिली। दिल्ली निवासी एक युवक की दादी की शुक्रवार को तेरहवीं है, मगर बैंक में नकदी न होने के कारण वह इसके लिए भी रुपये नहीं जुटा पाया।
विज्ञापन


मूलरूप से ग्वालियर निवासी दीपक सपरिवार करीब 10 साल से दिल्ली के त्रिलोकपुरी में किराये पर रहता है। दीपक ने बताया कि वह सेक्टर-5 की एक कंपनी में काम करता है और अभी तक उसका बैंक में अकाउंट नहीं है। शुक्रवार को दादी की तेरहवीं होने की वजह से रुपये के लिए कंपनी गया।
विज्ञापन


नकदी न होने के कारण मालकिन ने 4000 और 2000 रुपये के दो चेक दिए। दीपक सुबह करीब 10:30 बजे सेक्टर-18 स्थित एक्सिस बैंक पहुंचा, जहां करीब 60 लोग लाइन में लगे थे। उसका नंबर आने से पहले नकदी खत्म हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

नए नोट के लिए खरीदी लोगों की शराब

man standing in que to get cash for last rituals  din not got money
उसने बैंक अधिकारियों को दादी की तेरहवीं के बारे में बताते हुए रुपये देने की गुहार लगाई। दीपक ने कहा, साहब 4000 नहीं, तो 2000 रुपये ही दे दो, कम से कम रस्म तो पूरी कर सकें। इस पर बैंक अधिकारियों ने बताया कि नकदी खत्म हो गई है, वे कुछ नहीं कर सकते।

नोटबंदी से परेशान लोग नई करेंसी पाने के लिए कोई भी जुगाड़ करने से परहेज नहीं कर रहे। सेक्टर-8 निवासी विक्रम तीन दिन तक बैंक की लाइन में लगे रहे, लेकिन रुपये नहीं मिले। इसके बाद विक्रम दिल्ली के अशोक विहार स्थित वाइन शॉप के पास जाकर खडे़ हो गए।

नोट के लिए बैंक की लाइन में नहीं लगना पड़ता

man standing in que to get cash for last rituals  din not got money
जो भी व्यक्ति शराब खरीदने पहुंचता, उससे बात करके नई करेंसी ले लेते और अपने डेबिट कार्ड से शराब खरीदकर उसे दे देते। करीब एक घंटे में विक्रम को 6 हजार रुपये के नए नोट मिल गए।

जीआईपी मॉल के परचेज विभाग में शुभम काम करते हैं। उन्हें किसी न किसी काम के लिए तीसरे दिन पांच से 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। जब भी उन्हें जरूरत होती है, तो वह अपने डेबिट कार्ड से बाहर के काम का भुगतान कर देते हैं और नकदी अपने पास रख लेते हैं। इससे उन्हें बैंक की लाइन में भी खड़ा नहीं होना पड़ता है और नकदी भी मिल जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed