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Make in India: स्वदेशी तकनीक पर हाई स्पीड ट्रेन तैयार कर रहा है रेलवे, रफ्तार होगी 280 किमी प्रति घंटा

Sun, 01 Dec 2024 05:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 01 Dec 2024 05:45 AM IST
सार

रेलवे मेक इन इंडिया तकनीक पर आधारित हाई स्पीड ट्रेन सेट तैयार कर रहा है। इसे 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने के लिए डिजाइन किया गया है।

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Make in India: Railways is preparing high speed train sets on indigenous technology
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विस्तार

हाई स्पीड ट्रेन जल्द ही रेलवे ट्रैक पर चलेंगी। रेलवे मेक इन इंडिया तकनीक पर आधारित हाई स्पीड ट्रेन सेट तैयार कर रहा है। इसे 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे स्वदेशी बुलेट ट्रेन कहे तो हैरानी नहीं होगी क्योंकि जापानी तकनीक पर आधारित बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 320 है और चलेंगी 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से।

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मैसर्स बीईएमएल के सहयोग से सवारी डिब्बा कारखाना (आईसीएफ) में इस हाई स्पीड ट्रेन सेटों का डिजाइन और विनिर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक कार की निर्माण लागत करीब 28 करोड़ रुपये है जो अन्य ट्रेन सेटों के मुकाबले बेहतर है।
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बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में हो रही देरी और जापान के साथ पहले जैसा भारत का राजनीतिक संबंध नहीं रहने के कारण भारतीय रेलवे वैकल्पिक समाधान इस तरह से ढूंढ लिया है। रेलवे अधिकारियों की माने तो एक बार कवच तकनीक आने से चिन्हित छह हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर पर इस ट्रेन सेट को चलाने में परेशानी नहीं होगी। वंदे भारत रेलगाड़ियों की सफलता के बाद भारतीय रेल ने हाई स्पीड ट्रेन सेटों के डिजाइन और विनिर्माण का कार्य शुरू कर दिया है।
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रेलवे ट्रैक कवच से लैस होने पर चलेंगी हाई स्पीड ट्रेन
रेलवे कवच के रूप से स्वदेशी तकनीक से स्वचालित रेलगाड़ी संरक्षा प्रणाली विकसित कर रहा है। इसका पांचवां वर्जन भी आ गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रेल गलियारों में करीब 3000 किमी रेलमार्ग पर यह कार्य प्रगति पर है। इन मार्गों पर लगभग 1081 मार्ग किमी दिल्ली-मुंबई खंड पर 705 मार्ग किमी और दिल्ली-हावड़ा खंड पर 376 मार्ग किमी रेलपथ साइड का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस तकनीक के विकसित होने पर इस रूट पर आसानी से सेमी हाई स्पीड व हाई स्पीड ट्रेन चलाई जा सकेगी। इसी तरह रेलवे ने छह रूट पर हाई स्पीड ट्रेन चलाने के लिए भी अलग से ट्रैक बिछाएगा। लिहाजा इस रूट पर भी 280 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली हाई स्पीड ट्रेन चलाई जा सकेगी।

क्या होगी इस ट्रेन की खासियत

  • बुलेट ट्रेन की तरह ही एयरोडायनामिक, एयर टाइट कार बॉडी का डिजाइन
  • हाई स्पीड एप्लीकेशन के लिए प्रोपल्शन सहित इलेक्ट्रिक डिजाइन और निर्माण
  • ट्रेन सेट का इष्टतम भार
  • गाड़ी का तापन, वातायन, वातानुकूलन
  • एयरोडायनामिक एक्सटीरियर
  • सीलबंद गैंगवे
  • स्वचालित दरवाजे
  • यात्रियों की सुविधा के लिए कंपार्टमेंटों में अनुकूलतम वातावरण
  • सीसीटीवी, मोबाइल चार्जिंग सुविधाएं, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, अग्नि संरक्षा उपकरण
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