वाड्रा की जमीन का सौदा कराने वाले का नया खुलासा
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हरियाणा और राजस्थान में राबर्ट वाड्रा के लिए जमीन सौदा करवाने वाले महेश नागर ने अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल में वाड्रा की संपत्ति के बारे में सनसनीखेज खुलासे के बाद मीडिया के सामने मुंह खोला है।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में नागर ने कहा कि जमीन खरीदने वाले हर व्यक्ति ने पैसे कमाए। क्योंकि पहले जो जमीन कौड़ियों के भाव थी वह अब करोड़ों में बिक रही है।
जमीन तो लाखों लोगों ने ले रखी है और सभी पैसे कमा रहे हैं। नागर का कहना है कि 2005 से 2009 में नहरपार जो जमीन 5 लाख रुपये एकड़ थी उसका दाम अब तीन करोड़ रुपये है। रेट बढ़ने की वजह से जमीन लेने वाले हर व्यक्ति को फायदा मिला है।
सोनिया का दामाद होने से बना राजनीतिक मुद्दा
महेश नागर के अनुसार वाड्रा का नाम तो सिर्फ राजनीतिक कारणों से उछाला जा रहा है। क्योंकि वह सोनिया गांधी के रिश्तेदार हैं।
फरीदाबाद निवासी नागर का नाम जमीन सौदों के कारण चर्चा में रहा है। लेकिन उन्होंने कभी खुलकर अपनी बात नहीं कही। नागर का कहना है कि इस समय वह प्रॉपर्टी डीलिंग नहीं कर रहे।
वह तो अब कबूलपुर में एग्रीकल्चर फार्म का काम कर रहे हैं। उन्होंने वाड्रा के लिए जमीन सौदा करवाकर कोई गलत काम नहीं किया।
'अब मैंने प्रॉपर्टी डीलिंग छोड़ दी है'
एक सवाल के जवाब में नागर ने कहा कि वाड्रा के लिए जमीन सौदा करवाने वाले महेश नागर ने ‘अमर उजाला’ से कहा अब मैने छोड़ प्रॉपर्टी डीलिंग दी है। खैर, राजस्थान में वाड्रा के लिए सारी जमीन सीलिंग एक्ट के तहत ली गई।
कुछ जगहों पर तो सर्कल रेट से डबल स्टांप लगा है। कहीं भी गड़बड़ी नहीं हुई है। वसुंधरा सरकार ने भी इसकी जांच करवा ली है, लेकिन कहीं भी घपला नहीं निकला है। यही हाल हरियाणा का है।
यहां भी वाड्रा पर स्टांप ड्यूटी में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे, लेकिन उसमें रत्ती भर की सच्चाई नहीं थी। जांच-पड़ताल में यह सब साबित हो चुका है। फिर भी कोई इसका राजनीतिक मुद्दा बना रहा है तो उसका क्या इलाज है।