इकलाख हत्याकांड पर दस अप्रैल को बिसाहड़ा में महापंचायत
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बिसाहड़ा गांव में हुए इकलाख हत्याकांड की सीबीआई जांच और उसके घर से मिले मांस की फोरेंसिक जांच की मांग पर अड़े ग्रामीणों ने 10 अप्रैल को साठा चौरासी की महापंचायत बुलाने का एलान कर दिया है। महापंचायत संग्राम सिंह इंटर कॉलेज में होगी। सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासन से मिलकर महापंचायत के लिए लिखित अनुमति मांगेगा। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर प्रशासन से अनुमति नहीं मिली तब भी साठा चौरासी की महापंचायत होकर रहेगी। ग्रामीणों की ओर से महापंचायत के लिए, ‘संघर्ष नहीं अब रण होगा, रण बहुत भीषण होगा’ का नारा दिया गया है।
दरअसल, 28 सितंबर 2015 को बिसाहड़ा में हुए इकलाख हत्याकांड एक सप्ताह बाद ही साठा चौरासी की महापंचायत करने का एलान कर दिया गया था। उस वक्त प्रशासन ने मामले की निष्पक्षता पूर्वक जांच कराने, निर्दोषों को परेशान नहीं करने और गोली चलाने वाले मामले में मजिस्ट्रेटी जांच का आश्वासन देते हुए साठा चौरासी की पंचायत को रुकवा दिया था। अब मामले में चार्जशीट दाखिल कर पुलिस ने अपनी जांच में 18 युवकों को आरोपी बनाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस जांच में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है। ग्रामीण मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग पर अड़े हैं। गांव के संजय राणा ने बताया कि पंचायत को लेकर तैयारियां चल रही है। 10 अप्रैल को पंचायत होगी। पंचायत में ग्रामीण अपने साथ हुए अन्याय को रखेंगे।
पुलिस पर लगाए पैसा वसूलने के आरोप
रविवार को भी बिसाहड़ा गांव में पंचायत हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर मामले की जांच के दौरान कुछ लोगों से पैसे भी वसूलने के आरोप लगाए। साथ ही कहा गया कि कई निर्दोष युवकों को हत्या का आरोपी बनाया गया है। वहीं गोली चलने के मामले की अभी तक मजिस्ट्रेटी जांच पूरी नहीं हुई है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि गोली किसने चलाई, कार्रवाई होना तो दूर की बात है।
जनसंपर्क हुआ तेज
महापंचायत को लेकर युवा और बुजुर्ग की टीमें गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं। लोगों को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है। जनसंपर्क के दौरान पंचायत में आने को लेकर काफी उत्साह है।