'पार्टी के हालात देखकर मोदी के पास जाने की हिम्मत नहीं कर सकता'
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जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी का मानना है कि देश में हालात फिलहाल आजादी के वक्त से भी खराब हो गए हैं। हर तरह की आजादी पर रोक लगाई जा रही है। पूरे देश में फिरकापरस्त ताकतों ने सिर उठाया है।
संसद के भीतर सांसद आग उगल रहे हैं। इस पर रोक लगाने की जगह केंद्र सरकार मौन है। इससे देश का अमन चैन पसंद हर इंसान फिक्रमंद है। लिहाजा जमीयत 12 मार्च को इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में राष्ट्रीय एकता सम्मलेन का आयोजन करने जा रहा है। इसमें हर धर्म के लोग शामिल होंगे।
कांस्टीट्यूशन क्लब में मीडिया से बात करते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि दिल्ली में श्रीश्री रविशंकर भी एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। सूफी मत के लोगों का भी रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित होने वाला है। दोनों कार्यक्रमों में अगर धर्म से उठकर इंसानियत के लिए प्यार और मोहब्बत का पैगाम दिया जाता है तो हम उनके इस काम की कद्र करेंगे।
उनके पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका हूं
हालांकि, इस मौके पर मौलाना अरशद मदनी ने माना कि सूफी का जिक्र इस्लाम में नहीं है। इस्लाम सिर्फ एक खुदा को मानता है। उसके अलावा कोई इज्म इस्लाम नहीं हो सकता।
सूफी मत के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अगर किसी तबके को गोद में बैठाकर उनकी बात करते हैं तो यह मुसलमानों को अंदर से बांटने की कोशिश होगी।
प्रधानमंत्री को बुलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके और उनकी पार्टी के हालात को देखकर उनके पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका हूं। मुझे खुद को जलील नहीं कराना है। दो साल पहले हमें कांग्रेस सरकार से भी लाखों शिकायतें थीं, लेकिन जब कभी जरूरत हुई तो वह तत्कालीन प्रधानमंत्री से मिल लेते थे।
प्रधानमंत्री मुंह में बताशा लेकर बैठे हुए हैं
गुजरात में हुए दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन दो साल से प्रधानमंत्री का कोई जवाब नहीं आया है। अमन चैन कायम रखने की जगह प्रधानमंत्री मुंह में बताशा लेकर बैठे हुए हैं।
इस मौके पर बताया गया कि इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। मौजूदा हालात में प्यार मोहब्बत के रिश्तों को मजबूत करने के लिए अमन पसंद लोगों को एक मंच पर बुलाया गया है।
इसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होंगे। उम्मीद है कि इसमें तीस से चालीस हजार लोग शिरकत करेंगे और देश के माहौल पर चर्चा होगी। इस दौरान उन्होंने सभी लोगों को एकजुट होने की अपील की।