{"_id":"665f7c7d717f9009160b3ff3","slug":"ls-results-delhiites-expressed-confidence-in-unilateral-victory-instead-of-making-changes-2024-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"LS Results : भाजपा का चला सत्ते पे सत्ता, दिल्लीवालों ने बदलाव करने की जगह एकतरफा जीत दिलाने में जताया विश्वास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
LS Results : भाजपा का चला सत्ते पे सत्ता, दिल्लीवालों ने बदलाव करने की जगह एकतरफा जीत दिलाने में जताया विश्वास
Wed, 05 Jun 2024 02:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 05 Jun 2024 02:13 AM IST
सार
जनता ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन को करारा झटका दिया। राजधानी में 2014 व 2019 लोकसभा चुनाव में जो ट्रेंड देखने को मिला, वही 2024 में भी कायम रहा।
विज्ञापन
भाजपा मुख्यालय में जश्न
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी की सातों लोकसभा सीटों पर भाजपा की बादशाहत लगातार तीसरी बार बरकरार रही। जनता ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन को करारा झटका दिया। राजधानी में 2014 व 2019 लोकसभा चुनाव में जो ट्रेंड देखने को मिला, वही 2024 में भी कायम रहा। खास बात यह कि गठबंधन ने कन्हैया कुमार, जेपी अग्रवाल और महाबल मिश्रा जैसे दिग्गज नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा था। इसके बावजूद ये नेता अपना जादू नहीं बिखेर सके।
विज्ञापन
मतगणना शुरू होते ही चांदनी चौक लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी जेपी अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी प्रवीण खंडेलवाल से बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन पारा जैसे-जैसे चढ़ता गया जेपी अग्रवाल सुस्त पड़ने लगे। यही हालत पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट की भी रही। शुरुआती चरण में बढ़ते हासिल करने वाले आप प्रत्याशी कुलदीप पर बाद में भाजपा प्रत्याशी हर्ष मल्होत्रा भारी पड़े।
विज्ञापन
सबसे पहला परिणाम नई दिल्ली लोकसभा सीट का आया, जहां से बांसुरी स्वराज ने जीत दर्ज की। चुनाव में यह भी देखने को मिला कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट से मनोज तिवारी कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को बड़े अंतर से शिकस्त देकर हैट्रिक लगाने वाले सांसद बन गए। उनके खिलाफ नाराजगी भी नहीं रही। यहां दो पूर्वांचली नेता मैदान में थे,
विज्ञापन
लेकिन जनता ने मनोज तिवारी के पक्ष में ही वोट किया।
कमलजीत ने भारी अंतर से महाबल को हराया
पश्चिमी दिल्ली से गठबंधन से महाबल मिश्रा को मैदान में उतारा गया था, जो कभी दिल्ली के लालू यादव के नाम से मशहूर थे, उन्हें भाजपा की कमलजीत सहरावत ने भारी मतों के अंतर से परास्त कर दिया। इसी तरह उत्तर-पश्चिमी लोकसभा सीट से योगेंद्र चंदोलिया ने गठबंधन के डॉ. उदित राज को बड़े वोटों के अंतर से पटखनी दे दी। पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली की तरह गठबंधन का यहां भी पूर्वांचल फैक्टर काम नहीं आया और तीनों प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा।