ऊपर-नीचे होती रही लिफ्ट, अंदर बुजुर्ग चिल्लाते रहे
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गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में स्थित अहिंसाखंड-2 स्थित निराला इडेन पार्क सोसायटी में बृहस्पतिवार की सुबह लिफ्ट चार फ्लोर के बीच अटक गई। लिफ्ट में मौजूद 71 वर्षीय बुजुर्ग 20 मिनट तक उसमें फंसे रहे और मदद के लिए चिल्लाते रहे।
गनीमत रही कि लिफ्ट में सफोकेशन की स्थिति नहीं बनी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। संयोग से एक बार 12वें फ्लोर पर लिफ्ट रुक गई और बुजुर्ग बाहर आ सके। रेजीडेंट्स ने मेंटीनेंस एजेंसी से शिकायत की, जिसके बाद लिफ्ट को सही किया जा सका।
घटना बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे की है। आठवीं मंजिल पर रहने वाले आनंद सिंह भंडारी सुबह ग्राउंड फ्लोर पर जाने के लिए लिफ्ट में चढ़े।
लिफ्ट का दरवाजा बंद होने के बाद जैसे ही उन्होंने ग्राउंड फ्लोर पर जाने का बटन दबाया, लिफ्ट नीचे जाने के बजाए ऊपर-नीचे होने लगी। लिफ्ट आठवीं मंजिल से 12वीं और 12वीं से आठवीं मंजिल पर जा रही थी। ये सिलसिला 20 मिनट तक चला। इससे बुजुर्ग घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाते रहे।
आए दिन खराब रहती है लिफ्ट
लगातार बटन दबाने पर अचानक 12वीं मंजिल पर लिफ्ट रुकी तो वे बाहर निकल सके। लिफ्ट की फ्लोर इंडीकेटर मशीन खराब हो गई थी। आनंद भंडारी के बेटे दिनेश भंडारी ने बताया कि लिफ्ट में पिता लगातार प्रयास के चलते ही बाहर निकल सके।
सोसायटी रेजीडेंट्स का कहना है कि लिफ्ट आए दिन खराब रहती है। रेजीडेंट मोहित सक्सेना ने बताया कि लिफ्ट खराब होने पर लोकल पार्ट लगा दिए जाते हैं, जिसकी वजह से लिफ्ट खराब रहती है। इस सिलसिले में मेंटीनेंस ऐजेंसी से कई बार शिकायत की जा चुकी है।
क्या बोले आरडब्ल्यूए और मेंटीनेंस एजेंसी
आरडब्ल्यूए सचिव इमरान ने बताया कि कभी भी लिफ्ट खराब होने पर फौरन ठीक करा दी जाती है। हर ब्लॉक में दो लिफ्ट लगी हैं, एक खराब होने पर दूसरी हमेशा काम करती है। मेटीनेंस एजेंसी के अजय कुमार ने बताया कि लिफ्ट का फ्लोर इंडीकेटर खराब हो गया था, जिसे ठीक कर दिया गया है।
अलार्म सिस्टम और वार्निंग बेल नहीं कर रहे थे काम
लिफ्ट में लगा अलार्म सिस्टम और वार्निंग बेल काम नहीं कर रहे थे, जिसकी वजह से बुजुर्ग के लिफ्ट में फंसने का पता सिक्योरिटी को भी नहीं चला। अगर लिफ्ट अपने आप नहीं रुकती तो बुजुर्ग लिफ्ट में ही फंसे रहते। सुबह के वक्त लिफ्ट इस्तेमाल करने वाले कम होते हैं।