Delhi: LG ने वरिष्ठ अभियोजकों की नियुक्ति का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा, सरकार पर फाइल लटकाने का आरोप
दिल्ली सरकार का कहना है कि एलजी ने चुनी गई सरकार की अनदेखी कर आदेश जारी किया है। इस बारे में मुख्यमंत्री व मंत्री को भरोसे में नहीं लिया गया।
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उपराज्यपाल ने बृहस्पतिवार को पॉक्सो मामलों के त्वरित निपटारे के लिए वरिष्ठ अभियोजकों की नियुक्ति का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेज दिया है। उन्होंने पॉक्सो से जुड़े 20 मामलों की अलग-अलग अदालतों में सुनवाई में दिल्ली सरकार और मंत्री की तरफ से देरी का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। वहीं, दिल्ली सरकार ने भी पलटवार करते हुए इसे अवैध करार देते हुए एलजी के अधिकार क्षेत्र से बाहर होने के आरोप लगाए हैं।
राजनिवास के एक अधिकारी के मुताबिक, इससे जुड़ी फाइल 25 दिनों से मुख्यमंत्री के पास लंबित है। बेवजह देरी को विवश होकर एलजी वीके सक्सेना ने पॉक्सो मामलों के त्वरित निपटान के लिए दिल्ली सरकार के गृह विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे गृह मंत्रालय को भेज दिया है। सीआरपीसी की धारा 24(8) के तहत गृह मंत्रालय को वरिष्ठ अभियोजकों की नियुक्ति का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है।
दिल्ली सरकार की ओर से पॉक्सो अधिनियम की धारा 32 के तहत अधिसूचना से संबंधित फाइल सीबीआई के वरिष्ठ अभियोजकों और अभियोजकों की नियुक्ति के लिए गृह विभाग ने भेजी थी। इस संबंध में निचली अदालत ने पिछले साल अगस्त और दिसंबर में ट्रायल कोर्ट ने विभिन्न पॉक्सो न्यायालयों में सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए एक वर्ष के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया था। राजनिवास के एक अधिकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने आपराधिक घटनाओं को गलत रूप में पेश करते हुए राजनीतिकरण किया। दिल्ली में कानून के डर नहीं होने से अपराधियों ने इसका पालन नहीं किया। जब इसे लागू करने की बात आई तो इसका पालन भी नहीं किया गया, इससे जांच और न्याय में देरी हो रही है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि एलजी ने चुनी गई सरकार की अनदेखी कर आदेश जारी किया है। इस बारे में मुख्यमंत्री व मंत्री को भरोसे में नहीं लिया गया। हैरानी की बात है कि बार-बार सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बावजूद एलजी ने अधिकार क्षेत्र से बाहर आदेश जारी किए हैं। एलजी का यह आदेश पहले के कई आदेशों की तरह ही अवैध है। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार चुनौती देगी। दिल्ली के लोग एलजी से तंग आ चुके हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम करने की जगह निर्वाचित सरकार के कामकाज में बार-बार हस्तक्षेप किया जा रहा है। दिल्ली ने ऐसी नकारात्मक सोच वाले एलजी को कभी नहीं देखा। ऐसे समय में जब दिल्ली की महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं और उत्पीड़न का सामना कर रही हैं, एलजी को दिल्ली के लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के बारे में सोचना चाहिए।