एलजी के कोर्ट में पेश नहीं होने पर थानाध्यक्ष लाइन हाजिर
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दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग के कोर्ट में पेश नहीं होने पर सरिता विहार थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया। आर्म्स लाइसेंस के मामले में थानाध्यक्ष को तलब किया गया था।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों केअनुसार सरिता विहार थाना इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग विभाग में आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन किया था।
लाइसेंसिंग विभाग ने सरिता विहार थानाध्यक्ष मनिंदर सिंह से रिपोर्ट मांगी थी। सरिता विहार थाने से नकारात्मक रिपोर्ट दी गई थी। इसके आधार पर उस व्यक्ति को आर्म्स लाइसेंस देने से मना कर दिया गया था।
इसके बाद व्यक्ति ने उपराज्यपाल से अपील की थी।
इसके बाद व्यक्ति ने उपराज्यपाल से अपील की थी। 25 जनवरी को सरिता विहार थानाध्यक्ष मनिंदर सिंह को कोर्ट में रिपोर्ट के साथ बुलाया गया था। थानाध्यक्ष इसमें पेश नहीं हुए।
थानाध्यक्ष ने हवलदार के हाथ रिपोर्ट भेज दी थी। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट साधारण थी। उसमें तथ्य पूरे नहीं थे। कोर्ट में नहीं आने पर उपराज्यपाल ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी से की। पुलिस आयुक्त के आदेश के बाद सरिता विहार थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर डीसीपी कार्यालय भेज दिया गया।
हालांकि सरिता विहार थाना सूत्रों का कहना है कि थानाध्यक्ष मनिंदर सिंह उपराज्यपाल कोर्ट में पेश होने केलिए गए थे, मगर वह रास्ते में लेट हो गए थे। शायद ऐसा पहली बार हो रहा है कि एलजी कोर्ट में पेश न होने पर किसी इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया गया है।