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एलईडी लाइट से रोशन होंगे मेट्रो फेज तीन के स्टेशन
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 18 Apr 2017 09:41 PM IST
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delhi metro
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निर्माणाधीन दिल्ली मेट्रो फेज तीन की लाइन और स्टेशन एलईडी लाइट से रोशन होंगे। मेट्रो ने फेज तीन को सबसे ज्यादा एनर्जी एफिशिएंट (ऊर्जा बचाने वाला) बनाने के लिए यह फैसला लिया है। स्टेशन पर लगने वाली लाइट के अलावा साइनेज, विज्ञापन वाले बोर्ड पर भी एलईडी लाइट का प्रयोग किया जाएगा।
डीएमआरसी ने मेट्रो फेज तीन को सबसे कम ऊर्जा खपत करने वाली लाइन बनाने के साथ इससे ऊर्जा उत्पादित करने की भी तैयारी की है। मेट्रो फेज तीन में दो प्रमुख लाइन है। इसमें अब तक की सबसे बड़ी 58 किलोमीटर की पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार) और मजेंटा लाइन (जनकपुरी पश्चिम से बॉटेनिक गार्डन) शामिल है।
इसमें ज्यादातर स्टेशन एलिवेटेड लाइन पर हैं। मेट्रो इन लाइनों को न सिर्फ कम ऊर्जा खपत वाला स्टेशन बनाएगा, बल्कि एलिवेटेड लाइन पर पड़ने वाले स्टेशनों के रूफटॉफ डिजाइन में बदलाव करके सोलर पावर उत्पादन करेगा। एलिवेटेड स्टेशनों के रूफटॉप पर सोलर पैनल लगाकर उससे बिजली का उत्पादन किया जाएगा। डीएमआरसी का कहना है कि हम एलईडी लाइट लगाकर न सिर्फ बिजली बचाएंगे, बल्कि स्टेशनों पर सौर ऊर्जा से बिजली भी बनाएंगे।
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बताते चलें कि मेट्रो सोलर पावर के उत्पादन और प्रयोग की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में मेट्रो 16 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है, जो दिसंबर 2017 तक 20 मेगावाट हो जाएगा। 2020 तक 50 मेगावाट तक ले जाने की उम्मीद है। इसके अलावा 750 मेगावाट के लिए मध्य प्रदेश के रीवा में लग रहे सोलर पावर प्लांट से सौर ऊर्जा खरीदने का समझौता किया है।
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डीएमआरसी ने मेट्रो फेज तीन को सबसे कम ऊर्जा खपत करने वाली लाइन बनाने के साथ इससे ऊर्जा उत्पादित करने की भी तैयारी की है। मेट्रो फेज तीन में दो प्रमुख लाइन है। इसमें अब तक की सबसे बड़ी 58 किलोमीटर की पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार) और मजेंटा लाइन (जनकपुरी पश्चिम से बॉटेनिक गार्डन) शामिल है।
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इसमें ज्यादातर स्टेशन एलिवेटेड लाइन पर हैं। मेट्रो इन लाइनों को न सिर्फ कम ऊर्जा खपत वाला स्टेशन बनाएगा, बल्कि एलिवेटेड लाइन पर पड़ने वाले स्टेशनों के रूफटॉफ डिजाइन में बदलाव करके सोलर पावर उत्पादन करेगा। एलिवेटेड स्टेशनों के रूफटॉप पर सोलर पैनल लगाकर उससे बिजली का उत्पादन किया जाएगा। डीएमआरसी का कहना है कि हम एलईडी लाइट लगाकर न सिर्फ बिजली बचाएंगे, बल्कि स्टेशनों पर सौर ऊर्जा से बिजली भी बनाएंगे।
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बताते चलें कि मेट्रो सोलर पावर के उत्पादन और प्रयोग की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में मेट्रो 16 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है, जो दिसंबर 2017 तक 20 मेगावाट हो जाएगा। 2020 तक 50 मेगावाट तक ले जाने की उम्मीद है। इसके अलावा 750 मेगावाट के लिए मध्य प्रदेश के रीवा में लग रहे सोलर पावर प्लांट से सौर ऊर्जा खरीदने का समझौता किया है।