जानिए पुलिस के लिए कैसे मिशन बना जासूसी कांड
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दिल्ली पुलिस ने आरोपी शिक्षक मोहम्मद साबिर और आर्मी के रिटायर हवलदार मुनव्वर अहमद मीर को पकड़ने में खुद ही ऑपरेशन का अंजाम दिया था।
दिल्ली पुलिस ने शुरू में जम्मू कश्मीर पुलिस की सहायता नहीं ली थी। ऑपरेशन को अंजाम देने केबाद जम्मू कश्मीर पुसिस की सहायता ली गई थी।
ऑपरेशन को अंजाम देने वाले इंस्पेक्टर पीसी यादव ने अपने फेसबुक स्टे्टस में तो ये भी लिख दिया कि पुलिस अफसर के तौर पर ये उसका अब तक सबसे कठिन ऑपरेशन था।
इस ऑपरेशन को उन्होंने एक मिशन बना लिया था। शुरू में लगा कि वह ऑपरेशन को पूरा नहीं कर पाएंगे। मगर दिल्ली पुलिस के इशारे पक्के थे।
इसलिए चुना था रात को घर जाने का विकल्प
जम्मू कश्मीर गए दिल्ली पुलिस के एक अफसर ने बताया कि दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए रात में ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था।
आरोपियों के घर ऊंची पहाड़ियों पर थे। अगर कोई दिन में इनके घर की तरफ जाता तो वह आसानी से दिखाई दे जाता है। इस कारण रात में ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था। दिल्ली पुलिस की टीम में सिर्फ सात-आठ जवान थे।
दिल्ली पुलिस की टीम केपास आधुनिक हथियार थे। हालांकि हथियार चलाने की नौबत नहीं आई। दिल्ली पुलिस की टीम केएक जवान का कहना है कि वहां पर स्थानीय लोगों को जब उनके ऑपरेशन की भनक लगी तो लोगों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया।
इसके बाद जम्मू कश्मीर पुलिस को मौके पर बुलाया गया था। हालांकि जम्मू कश्मीर पुलिस स्थानीय लोगों का ज्यादा साथ दे रही थी।