लालू यादव को किया जाएगा बंगले से बेदखल
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आम आदमी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख अजित सिंह के बाद अब जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ऐसे नेता हैं, जो सरकारी बंगले पर कब्जा जमाए हुए हैं। संबंधित विभाग अब इन्हें नोटिस पकड़ाने की तैयारी कर रहा है। वहीं एक पूर्व राज्यपाल को भी बेदखली की नोटिस पकड़ाकर कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
असल में राजनेताओं को सरकारी बंगले में रहने की लत लग जाती है, जो सुविधा इन घरों में जितनी कम लागत पर मिल जाती है, किसी अन्य घर में शायद 10 गूने कीमत चुकाने पर भी न मिले। इसलिए इन बंगलों को राजनेताओं से खाली कराने में पीडब्लूडी को एड़ी-चोटी का दम लगना पड़ जाता है।
आप इस बीमारी का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि कभी सरकारी बंगला ना लेने की बात करने वाले आप प्रमुख केजरीवाल ने सरकार छोड़ने के महीनों बाद तक बंगले में कब्जा जमाए रखा था। ठीक उसी तरह राजद प्रमुख लालू यादव ने भी एम्स इलाज, परिजनों की बीमारी और पढ़ाई आदि कारण गिनाकर एक साल से अधिक समय से स्पेशल लाइसेंस फीस चुकाकर सरकारी बंगले में जमे हुए हैं।
तो फिर भी लालू के साथ भी होगा
लालू प्रसाद यादव अपनी बीमारी का एम्स में इलाज, अपने परिवालों की बीमारी और बच्चों की पढ़ाई का हवाला देकर एक साल से अधिक समय से पीडब्लूडी को टकरा रहे हैं और स्पेशल लाइसेंस फीस चुका कर घर में जमे हुए हैं। लेकिन अब इसकी डेट भी निकल गई है। लालू के स्पेशल लाइसेंस की आखिरी तारीख 31 अक्तूबर थी।
लेकिन तारीख आगे निकल जाने के बाद भी लालू घर खाली नहीं किया। अब पीडब्लूडी विभाग कभी भी उन्हें नोटिस देकर घर खाली करने को कह सकता है। लालू दिल्ली के 25 तुगलक रोड स्थित टाइप 8 बंगले में रहते हैं।
उधर, पूर्व राज्यपाल बूटा सिंह पर भी बेदखली की कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। उन्हें 24 जून को ही बंगला खाली करना था, लेकिन उन्होंने बंगला खाली नहीं किया। उनका बंगला 11 ए तीन मूर्ति मार्ग पर है।