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दिल्ली: दिहाड़ी न देने का दबाव बनाकर जबरन मजदूरों को गहरे सीवर में उतारा, हदासे के बाद शख्स फरार
Sun, 02 Feb 2020 08:02 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Sun, 02 Feb 2020 08:02 PM IST
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सीवर
- फोटो : अमर उजाला
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सीबीडी ग्राउंड में हादसे का शिकार हुए रवि और संजय ने सुरक्षा उपकरणों के बिना गहरे सीवर में उतरने से इनकार कर दिया था। ठेकेदार शैंकी ने उनकी शनिवार की भी दिहाड़ी न देने की धमकी देकर जबरन उन्हें 15 फुट गहरे सीवर में उतार दिया। हादसा हुआ तो शैंकी वहां से खिसक गया। घटना के बाद से रवि के परिवार में मातम है। उधर, संजय के परिजन उसकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। परिजनों ने ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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न्यू संजय अमर कॉलोनी में डी-94 में रवि बड़े भाई सोनू, भाभी पिंकी और अन्य परिजनों के साथ रहता था। रवि दिहाड़ी पर सफाई का काम करता था। परिवार ने उसकी शादी के लिए लड़की देख रखी थी। जल्द ही उसकी शादी होने वाली थी। उसकी मौत के बाद परिवार का रोते-रोते बुरा हाल था। उधर, संजय परिवार के साथ बी-236, न्यू संजय अमर कॉलोनी में रहता है। इसके परिवार में दो भाई प्रदीप, विष्णु, पिता मोती लाल व मां मुन्नी देवी के अलावा पत्नी सीमा व चार बच्चे हैं। संजय की हालत बेहद नाजुक है। परिवार उसके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा है।
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जहरीली गैसों से खत्म होती है ऑक्सीजन
सीवर के अंदर अमोनिया, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और हाईड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें होती हैं। इस कारण सीवर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे नीचे उतरने वाले सफाईकर्मियों को सांस लेने में समस्या होने लगती है। सल्फर डाइऑक्साइड से गले में जलन शुरू हो जाती है। वहीं कार्बन मोनोऑक्साइड की चपेट में आने से लोगों को उल्टी, सिरदर्द के बाद बेहोशी छा जाती है। इसी तरह अमोनिया की चपेट में आने से आंख और गले में जलन होती है। इससे फेफड़े तक खराब हो सकते हैं।
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जानलेवा बनी सीवर की सफाई
- 23 नवंबर 2019 : उत्तर-पश्चिम दिल्ली के शकूरपुर इलाके में सीवर की सफाई के दौरान एक मजदूर की मौत, दो अन्य घायल।
- 09 सितंबर 2018 : मोती नगर की डीएलएफ सोसायटी में टैंक की सफाई के दौरान चार मजदूरों की मौत
- 29 अप्रैल 2018 : खान मार्केट ताज विवांता पांच सितारा होटल के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई के दौरान हुए हादसे में पांच लोग गैस की चपेट में आए। तीन की इलाज के दौरान मौत।
- 20 अगस्त 2017 : एलएनजेपी अस्पताल परिसर में सीवर की सफाई के दौरान नीचे उतरे तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आए। एक की मौत, दो बेहोश।
- 12 अगस्त 2017 : आनंद विहार के अग्रवाल फन सिटी मॉल में सीवर की सफाई के दौरान दो भाइयों की मौत। पिता व एक दमकल कर्मी जख्मी।
- 06 अगस्त 2017 : लाजपत नगर इलाके में गहरे सीवर की सफाई के लिए उतरे मजदूरों में से तीन की जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत। एक बेहोश।
- 15 जुलाई 2017 : वसंत कुंज के घिटोरनी गांव में फार्म हाउस के रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक की सफाई के लिए उतरे मजदूरों में से चार की जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत। एक बेहोश।
- 24 अगस्त 2015 : स्वरूप नगर इलाके में सेप्टिक टैंक में सफाई के लिए उतरे दो मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आकर दम घुटने से मौत।