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काले धन को सफेद करने में मजदूरों को मिला नया रोजगार, नोट बदलवाओ-कमीशन पाओ
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 14 Nov 2016 01:24 AM IST
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500 व हजार का नोट बंद करने के आदेश के बाद एकाएक बेरोजगार हुए शहर के दिहाड़ी मजदूरों को नया रोजगार मिल गया है। बिना मेहनत के पूरी दिहाड़ी मिलने के इस नए रोजगार से शहर के लेबर चौक पर मजदूर नहीं मिल रहे है।
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यह रोजगार है लाइन में खड़े होकर नोट बदलवाने का। इसके लिए बकायदा उन्हें प्रति चार हजार रुपए पर 10 प्रतिशत तक कमीशन मिल रहा है। ऐसे में मजदूर भी लाइनों में चार-छह घंटे खड़े रहकर ही आराम से पूरे दिन की दिहाड़ी कमा रहे हैं।
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दरअसल शहर में कई बड़े उद्यमियों कारोबारियों ने अपने घरों में पड़े बेहिसाब काले धन को सफेद करने का नया तरीका ढूंढ लिया है। इसी के चलते मजदूरों को यह नया काम मिला है। स्थिति यह है कि प्रत्येक बैंक के बाहर 200 की भीड़ में करीब 50 से 60 फीसद दिहाड़ी मजदूरों को खड़ा किया जा रहा है।
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ऐसे में अंबेडकर चौक, प्रेस कॉलोनी, सेक्टर 14, बडख़ल चौक हाईवे और सेक्टर 37 के लेबर चौक पर मजदूर नहीं मिल रहे है। रविवार को भी शहर के बैंकों में जबरदस्त भीड़ रही। जिनमें अधिकांश लोग दिहाड़ी मजदूरी करने वाला तबका दिखाई दिया। जानकारी के अनुसार शहर के बड़े व्यापारी और कारोबारी अपने बड़े नोटों को खपाने की कवायद में जुटे हैं।
महिला मजदूर भी पीछे नहीं
वे 4000 हजार रुपए के नोट बदलवाने के लिए एक बार के लिए इन मजदूरों को 10 प्रतिशत कमीशन यानी लगभग 400 रुपए तक मजदूरी के रूप में दे रहे हैं। यह काम भी व्यापारी खुद अपनी निगरानी में या ठेकेदारों के माध्यम से करवा रहे हैं ताकि रकम डूबे नहीं।
इस नए रोजगार में महिला मजदूर भी पीछे नहीं हैं। वह भी इस काम के लिए 200 रुपए से अधिक की मजदूरी ले रही हैं। तीन से चार बार अलग-अलग बैंकों में लाइन में लगकर वह 800 से 1000 रुपए तक कमा रही हैं। इतना ही नहीं कई मजदूर तो खाना भी लाइन में खड़े होकर ही खा रहे हैं। दरअसल, महिलाओं के लिए अलग से लाइन लगती है तो उसका फायदा यह भी उठा रही है।
एजेंट मांग रहे कमीशन
500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने के बाद से शहर में नोट बदलवाने का बड़ा कारोबार भी शुरू हो चुका है। इसके लिए कई लोग कमीशन एजेंट बन प्रति लाख के हिसाब से मोटा कमीशन भी ले रहे हैं। स्थिति यह है कि इसके लिए भी रेट तय हो रही है। एजेंट एक लाख रुपए एक्सचेंज करवाने के बदले 10 से 20 फीसदी कमीशन मांग रहे है।
इस नए रोजगार में महिला मजदूर भी पीछे नहीं हैं। वह भी इस काम के लिए 200 रुपए से अधिक की मजदूरी ले रही हैं। तीन से चार बार अलग-अलग बैंकों में लाइन में लगकर वह 800 से 1000 रुपए तक कमा रही हैं। इतना ही नहीं कई मजदूर तो खाना भी लाइन में खड़े होकर ही खा रहे हैं। दरअसल, महिलाओं के लिए अलग से लाइन लगती है तो उसका फायदा यह भी उठा रही है।
एजेंट मांग रहे कमीशन
500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने के बाद से शहर में नोट बदलवाने का बड़ा कारोबार भी शुरू हो चुका है। इसके लिए कई लोग कमीशन एजेंट बन प्रति लाख के हिसाब से मोटा कमीशन भी ले रहे हैं। स्थिति यह है कि इसके लिए भी रेट तय हो रही है। एजेंट एक लाख रुपए एक्सचेंज करवाने के बदले 10 से 20 फीसदी कमीशन मांग रहे है।