बेदी पर बरस पड़े कुमार विश्वास किया तीखा हमला
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लंबी सियासी चुप्पी के बाद आम आदमी पार्टी (आप) नेता कुमार विश्वास ने दिल्ली चुनाव में सोमवार को एक बार फिर हुंकार भरी। विश्वास के निशाने पर किरण बेदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे।
जनलोकपाल आंदोलन से जुड़े विश्वास ने पहली बार माना कि आंदोलन की हवा निकालने के लिए भाजपा ने दो लोगों को प्लांट किया था। इनमें से एक फिलहाल मंत्री हैं। दूसरे को मुख्यमंत्री का दावेदार बनाकर पेश किया जा रहा है।
वहीं, विश्वास ने बेदी से सीधा सवाल किया कि निर्भया कांड के दौरान जब लोग सड़कों पर लाठी खा रहे थे, वह कहां थीं। कुमार विश्वास मनीष सिसोदिया के समर्थन में पटपड़गंज में एक जनसभा में बोल रहे थे।
इससे पहले उन्होंने उन्होंने इलाके में जनसंपर्क भी किया। कुमार विश्वास ने कहा कि भाजपा ने साजिशन जनलोकपाल आंदोलन को फिस्स करने की कोशिश की। इसके लिए दो लोगों को आंदोलन के भीतर प्लांट किया गया था।
रामद्रोही बर्दाश्त होंगे पर राष्ट्रद्रोही नहीं
नाम लिए बगैर विश्वास ने कहा कि इसमें से एक केंद्र सरकार में मंत्री हैं, जबकि दूसरे को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाकर पेश किया जा रहा है। वहीं, इशारों-इशारों में बेदी पर वार करते हुए विश्वास ने कहा कि हिंदुस्तान की मिट्टी रामद्रोही को तो बर्दाश्त कर सकती है, राष्ट्रद्रोही को नहीं।
बेशक विभीषण ने भगवान राम की मदद की, लेकिन आज कोई भी मां अपने बच्चे का नाम विभीषण नहीं रखती। पंद्रह दिन पहले भाजपा में जा रहे नेताओं को इस बारे में सोचना चाहिए।
दूसरी तरफ प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी जब बनारस से चुनाव लड़ रहे थे, तो वह भाजपा के नेता थे, लेकिन जब उन्होंने शपथ ले ली तो वह पूरे देश के प्रधानमंत्री हो गए।
आज वह अरविंद केजरीवाल को जंगल भेजने की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि वन जाते समय रामचंद्र जी राजकुमार थे, जबकि वापसी पर मर्यादा पुरुषोत्तम को सिंहासन मिला था।