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Delhi NCR News: रोज 20 किलोमीटर का सफर, कोर्ट पर घंटों पसीना... कृष ने रैकेट से लिखी जीत की कहानी
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रोज 20 किलोमीटर का सफ़र, कोर्ट पर घंटों पसीना…. कृष की फोटो। प्रथम स्टोरी
-18 साल के बैडमिंटन खिलाड़ी ने दिल्ली स्टेट चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
-अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का सपना
प्रथम चौहान
पूर्वी दिल्ली। मंजिल दूर हो तो सफर लंबा जरूर होता है, लेकिन हौसले बुलंद हों तो रास्ते की मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं। इस बात को पूर्वी दिल्ली के 18 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी कृष चौधरी ने सच कर दिखाया है। बैडमिंटन कोर्ट तक पहुंचने के लिए कृष रोजाना 15 से 20 किलोमीटर का सफर तय करते हैं और घंटों अभ्यास में पसीना बहाते हैं। उनकी इसी मेहनत का नतीजा है कि उन्होंने दिल्ली स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मध्यवर्गीय परिवार से आने वाले कृष के पिता दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद कृष ने खेल के प्रति अपने जुनून को कभी कम नहीं होने दिया। वह पिछले दो वर्षों से नियमित रूप से बैडमिंटन का प्रशिक्षण ले रहे हैं। पढ़ाई के साथ खेल के लिए समय निकालना और रोजाना लंबी दूरी तय कर अभ्यास के लिए पहुंचना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
कोर्ट पर मेहनत ने दिलाया गोल्ड
कृष की सफलता के पीछे लगातार अभ्यास और खेल की बारीकियों को सीखने का जज्बा है। दिल्ली स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप में उन्होंने अपनी फुर्ती, तकनीक और आत्मविश्वास से शानदार प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबलों के बीच उन्होंने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह जीत उनके लिए खास है, क्योंकि इसके पीछे दो साल की लगातार मेहनत और अनुशासन शामिल है।
जोनल प्रतियोगिताओं में दिखा चुके हैं दम
कृष की यह पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। वह अब तक पांच से अधिक बार जोनल स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। इन प्रतियोगिताओं में उन्होंने कई बार स्वर्ण पदक सहित अन्य पदक भी जीते हैं। इसके अलावा सीबीएसई क्लस्टर प्रतियोगिता में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, इस प्रतियोगिता में वह पदक हासिल नहीं कर सके, लेकिन उनके खेल ने सभी का ध्यान खींचा।
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-अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का सपना
प्रथम चौहान
पूर्वी दिल्ली। मंजिल दूर हो तो सफर लंबा जरूर होता है, लेकिन हौसले बुलंद हों तो रास्ते की मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं। इस बात को पूर्वी दिल्ली के 18 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी कृष चौधरी ने सच कर दिखाया है। बैडमिंटन कोर्ट तक पहुंचने के लिए कृष रोजाना 15 से 20 किलोमीटर का सफर तय करते हैं और घंटों अभ्यास में पसीना बहाते हैं। उनकी इसी मेहनत का नतीजा है कि उन्होंने दिल्ली स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मध्यवर्गीय परिवार से आने वाले कृष के पिता दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद कृष ने खेल के प्रति अपने जुनून को कभी कम नहीं होने दिया। वह पिछले दो वर्षों से नियमित रूप से बैडमिंटन का प्रशिक्षण ले रहे हैं। पढ़ाई के साथ खेल के लिए समय निकालना और रोजाना लंबी दूरी तय कर अभ्यास के लिए पहुंचना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
कोर्ट पर मेहनत ने दिलाया गोल्ड
कृष की सफलता के पीछे लगातार अभ्यास और खेल की बारीकियों को सीखने का जज्बा है। दिल्ली स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप में उन्होंने अपनी फुर्ती, तकनीक और आत्मविश्वास से शानदार प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबलों के बीच उन्होंने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह जीत उनके लिए खास है, क्योंकि इसके पीछे दो साल की लगातार मेहनत और अनुशासन शामिल है।
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जोनल प्रतियोगिताओं में दिखा चुके हैं दम
कृष की यह पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। वह अब तक पांच से अधिक बार जोनल स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। इन प्रतियोगिताओं में उन्होंने कई बार स्वर्ण पदक सहित अन्य पदक भी जीते हैं। इसके अलावा सीबीएसई क्लस्टर प्रतियोगिता में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, इस प्रतियोगिता में वह पदक हासिल नहीं कर सके, लेकिन उनके खेल ने सभी का ध्यान खींचा।
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