जानिए कौन हैं जैन मुनि तरुण सागर जिनपर टिप्पणी कर फंसे विशाल डडलानी
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संगीतकार विशाल ददलानी द्वारा जैन मुनि तरुण सागर पर की गई टिप्पणी से आम आदमी पार्टी बैकफुट पर है। हालांकि ददलानी ने आप से रविवार को ही संन्यास का ऐलान कर दिया था।
लेकिन उनके संन्यास के बाद सोमवार को भी पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुटी रही। दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने जैन मुनि के पास पहुंचकर उनसे माफी मांगी। जबकि खुद ददलानी भी माफी मांग चुके हैं। वहीं सीएम केजरीवाल ने ददलानी को ट्वीटर के जरिए फटकार लगाई थी।
दरअसल जैन मुनि तरुण सागर ने हरियाणा विधानसभा में प्रवचन किया था। जिसके बाद विशाल ददलानी ने उनके प्रवचन को लेकर ट्वीट किया। जिसका सोशल मीडिया पर जमकर विरोध हुआ।
राजनीति और धर्म पर बेबाकी से रखते हैं विचार
जैन मुनि तरुण सागर जैन धर्म के दिगंबर संप्रदाय के मुनि हैं और अपने बेबाक विचारों के लिए मशहूर हैं। इनका जन्म 1967 में मध्यप्रदेश के दमोह जिले के एक गांव में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव धर्म की ओर रहा है।
वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत के भी करीबी माने जाते हैं। पीएम और संघ प्रमुख अक्सर जैन मुनि के कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं।
जैन मुनि हमेशा ही राजनीति और धर्म पर अपने विचारों को खुलकर व्यक्त करते नजर आए हैं। हरियाणा विधानसभा के बाद अब तरुण सागर लोकसभा में प्रवचन करना चाहते हैं।
देश-विदेश में कार्यक्रमों का होता है सीधा प्रसारण
इनके प्रवचन की विशेषता है कि वे कड़वी बात कहने से परहेज नहीं करते और अपनी आलोचना करनेवालों के प्रति उदार रहते हैं। ददलानी के और से माफी मांगने गए दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को भी उन्होंने यही कहा कि माफी की जरूरत नहीं है।
इन्होंने कड़वे प्रवचन नाम की एक पुस्तक के जरिए अपने विचारों को लोगों तक पहुंचाया। उनके मुताबिक राजनीति में धर्म की सही रुप में अपनाने की जरूरत है। जैन मुनि ने तथाकथिक लव जिहाद को हिंदू लड़कियों के खिलाफ साजिश बताया था।
तरुण सागर का मानना है कि एक संत को हमेशा वही कहना चाहिए जो समाज के लिए हितकारी हो। जैन मुनि का देश ही नहीं विदेशों में भी लोकप्रिय हैं। दुनिया भर में इनके करोड़ों अनुयायी हैं। इनके कार्यक्रमों का सैकड़ों देशों में सीधा प्रसारण होता है।