जानिए कैसे किया तवायफ से चचेरी बहनों का सौदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केले वाले से उसने कहा था कि एक महिला इन बच्चियों को ले जाएगी। उस समय बच्चियां अपने चचेरे भैया से रोते-रोते वहां न छोड़ने की विनती कर रही थी और उससे लिपट पड़ी थीं।
लेकिन आरोपी को मासूमों पर दया नहीं आई और मात्र 15 हजार रुपये के लालच में उनको नर्क में धकेल कर बलिया के लिए रवाना हो गया। बलिया जाने से पहले पायल ने उसे 15 हजार रुपये दे दिए थे।
पुलिस के मुताबिक, करीब आठ माह पहले भी भोला ने अपनी चचेरी बहनों को बेचने का प्रयास किया था। मगर उसे कोई मौका नहीं मिला था और एक दिन अपने पास रखने के बाद एक बच्ची को वापस छोड़ आया था।
तवायफ शुरू करना चाहती थी धंधा
इकोटेक थर्ड थानाक्षेत्र के एक गांव से दो बच्चियों को उनके चचेरे भाई ने एक तवायफ को 15 हजार में बेच दिया था। पुलिस ने आरोपी चचेरे भाई भोला और महिला पायल व रूपा को गिरफ्तार कर दोनों बच्चियों को बरामद कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि कुछ दिन पहले ही भोला की मुलाकात पायल से हुई थी। उसने भोला को लालच दिया कि यदि वह लड़कियां दिलाएगा तो उसे कमीशन मिलेगा।
भोला को जब कोई नहीं मिला तो उसने अपने चाचा की बेटियों को ही बेच दिया। एसपी देहात डॉ.बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि पायल दिल्ली में जीबी रोड स्थित गली नंबर पांच के 64 नंबर कोठे पर रानी के यहां काम करती थी।
लड़कियां नेपाल भेजने की फिराक में थी पायल
पायल और उसकी दोस्त रूपा उर्फ ज्योति पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। दोनों करीब पांच साल से रानी के कोठे पर काम कर रही थीं। दो साल पहले भी पायल वेश्यावृत्ति के आरोप में दिल्ली से ही जेल जा चुकी है।
पायल पैसे कमाने के लिए नेपाल और मेरठ में अपना धंधा फैलाने की फिराक में थी। वह खुद कोठा खोलने की तैयारी में थी इसलिए उसने 15 हजार रुपये में बच्चियों को खरीद लिया था।
उन्हें पांच-सात साल बाद ही इस धंधे में उतारा जाता। अब पुलिस जांच कर रही है कि भोला कहां-कहां रहा है। दोनों बच्चियों को मिलने के बाद उनके माता-पिता काफी खुश हैं।
हालांकि, उनका कहना है कि अब तो अपने परिजनों पर से ही भरोसा उठ गया है। जिस युवक को वह रोते नहीं देख सकते थे, उसी ने उनको खून के आंसू रुलाया है।