ओखला में दुर्लभ पक्षियों की दस्तक
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दिल्ली से दूरी बनाए रखने वाले दो दुर्लभ पक्षियों ने पहली बार ओखला पक्षी
यूरोपियन देशों में बर्फ पड़ने के साथ ही प्रवासी पक्षी देश के अलग-अलग हिस्सों में आ जाते हैं। यह पहली बार है, जब अफ्रीका और नार्थ अमेरिका के दुर्लभ पक्षियों ने भारत का खासकर ओखला पक्षी विहार का रुख किया है।
पर्यावरणविद् और दिल्ली स्टेट के समन्वयक टीके राय ने बताया कि यहां अफ्रीका का ग्रेट व्हाइट पैलीकेन नजर आया है और अमूमन यह दिल्ली की ओर नहीं आता है।
100 की रफ्तार, मछली का शिकार
टीके राय ने बताया कि ओखला रिजर्व वायर में साफ पानी और खाने की मात्रा
पर्याप्त है, इसकी वजह से अप्रैल महीने में यह पक्षी नजर आ रहे हैं। वैसे
भारत में फरवरी व मार्च के महीने में प्रवासी पक्षी नजर आते हैं, लेकिन
अप्रैल में यह पहली बार आया है। दूसरी ओर पक्षी विहार में आने वाले पाइड
एवोसेट ने भी चौंका दिया है।
इस पक्षी के सफेद शरीर पर काले धब्बे होते हैं
और इसका नाम इसी चितकबरे स्वरूप की वजह से पड़ा है। मछली और कीड़े खाने
वाला ये पक्षी नार्थ अमेरिका और यूरोपीय देशों में पाया जाता है।
आस्ट्रेलिया में भी यह पक्षी आसानी से मिल जाता है। टीके राय ने बताया कि
इन पक्षियों के बेहतर संरक्षण के लिए सरकार से बात की जाएगी।
एक
दिन में डेढ़ किलोग्राम मछली खाने वाले व्हाइट पैलीकेन की गिनती तेज
रफ्तार पक्षियों में होती है। इसकी रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की है।
यानि दिल्ली से लखनऊ जाने में इसे मात्र पांच घंटे लगेंगे। उधर, 40
किलोमीटर की रफ्तार से उड़ने वाला पाइड एवोसेट 10 से 15 साल तक जिंदा रहता
है।