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दिल्ली को घेरेगी देशभर की ‘चौधराहट’, कूच का आह्वान, किसानों को समर्थन का एलान

Sun, 06 Dec 2020 04:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा पंकज तोमर, नई दिल्ली
पंकज तोमर, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 06 Dec 2020 04:41 AM IST
सार

  • खापों के केंद्रीय मुख्यालय सोरम ने किया किसान आंदोलन का समर्थन
  • सभी खाप चौधरियों से राष्ट्रहित में दिल्ली कूच करने का आह्वान
  • नए कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए एकजुटता की अपील

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khaps coming delhi to support agitating farmers
गाजीपुर बॉर्डर पर तैनात पुुलिसकर्मी... - फोटो : amar ujala

विस्तार

नए कृषि कानूनों को रद्द करने और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के तेवर तल्ख हैं। 10 दिन से राजधानी की सीमाओं पर डटे किसान एलान कर चुके हैं कि बगैर मांग पूरी हुए वह नहीं डिगेंगे। आवाज बुलंद करने के लिए किसानों से जुड़ी हिंदुस्तान की तमाम खाप भी दिल्ली को घेरने की तैयारी कर चुकी हैं।

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खापों के पारंपरिक केंद्रीय मुख्यालय सोरम गांव (मुजफ्फरनगर) से एलान हो चुका है कि किसानों का पूर्ण समर्थन किया जाए। राष्ट्रहित के लिए खापों के चौधरियों से एकजुटता की अपील करते हुए दिल्ली कूच करने का आह्वान किया गया है। आठ दिसंबर को भारत बंद में भी अहम भूमिका निभाई जाएगी।
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निर्वाल खाप भारत चौधरी बाबा राजवीर सिंह मुंडेट ने बताया कि पिछले दिनों सर्वखाप के मंत्री सुभाष बालियान की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से किसानों का साथ देने की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि नए कानूनों से सीधे तौर पर कॉरपोरेट जगत को फायदा होगा। क्योंकि, फसल की कीमत तय करने व विवाद की स्थिति का बड़ी कंपनियां लाभ उठाने की कोशिश करेंगी। वह छोटे किसानों के साथ समझौता भी नहीं करेंगी। इसके अलावा असामान्य स्थितियों के लिए कीमतें इतनी ज्यादा होंगी कि उत्पादों को हासिल करना आम आदमी की पहुंच से दूर हो जाएगा। उधर, हरियाणा की ज्यादातर खाप पहले ही किसानों को समर्थन दे चुकी हैं।
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राजनीति से रहेंगे दूर
सर्वखाप ने यह भी स्पष्ट किया कि किसान आंदोलन में खापों की भूमिका सहयोगात्मक होगी। इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई राजनीतिक दल इस आंदोलन के सहारे अपनी चुनावी बिसात बिछा रहे हैं। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टीम किसानों का दुख-दर्द बांट रही है। क्योंकि, पंजाब में होने वाले चुनाव में आप पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आने की तैयारी कर रही है। 


पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इस बाबत केजरीवाल पर आरोप भी लगा चुके हैं। वहीं, कांग्रेस और सिख नेता भी पीछे नहीं हैं। वह भी दिल्ली के सिंघु, टीकरी, गाजीपुर और चिल्ला बॉर्डर पर डटे किसानों के ‘जख्मों’ पर मरहम लगा रहे हैं। पिछले दिनों राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी भी सिंघु बॉर्डर पर किसानों की सेवा करने पहुंचे थे। उन्होंने किसानों को खाना भी खिलाया।

खाप चौधरियों ने कहा...

किसान अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसलिए किसानों से जुड़ी देशभर की खाप उनके साथ हैं।
-बाबा राजवीर सिंह मुंडेट, निर्वाल खाप भारत चौधरी व पूर्व निदेशक केंद्रीय भंडारण निगम उत्तर प्रदेश

नए कानून किसानों के हित में नहीं हैं। जब तक कानून वापस नहीं होंगे आंदोलन करते रहेंगे।
-चौधरी नरेश टिकैत, चौधरी-बालियान खाप

पूरी तन्मयता के साथ किसान आंदोलन के साथ हैं। काफी लोग दिल्ली भेजे भी जा चुके हैं।
-बाबा सूरजमल, चौधरी-बत्तीसा खाप

हमने लगभग 300 लोग किसानों का साथ देने के लिए दिल्ली भेज दिए हैं। जरूरत पड़ी तो और भेजेंगे।
-चौधरी सुरेंद्र सिंह, मुखिया-देशखाप

किसी भी सूरत में देशभर की खाप किसानों का साथ नहीं छोड़ेगी। सर्वखाप में यह निर्णय लिया जा चुका है।
-संजय सिंह, चौधरी-कालखंडे खाप

किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा और उनका कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया जाएगा।
-बाबा हरकिशन मलिक, चौधरी-गठवाला खाप

हमारी खाप के लोग भी आंदोलन का हिस्सा बन रहे हैं। जल्द ही और लोगों को भेजा जाएगा।
-वीरेंद्र सिंह लाठियान, चौधरी-लाठियान खाप

किसानों का हक छीना जा रहा है, जो बर्दाश्त नहीं होगा। हमारी खाप अन्नदाताओं के साथ है।
-कृषिपाल राणा, चौधरी-चौगामा

किसान खून-पसीने से फसलें सींचता है। उनके हक पर किसी को भी डाका नहीं डालने दिया जाएगा।
-धर्मवीर सिंह, चौधरी-पंवार खाप 

हम किसानों के साथ हैं और उनका शोषण सहन नहीं किया जाएगा। पूरी तरह आंदोलन को समर्थन दे चुके हैं।
-बृह्म सिंह, चौधरी-राठी खाप

नए कृषि कानून किसानों के हित में नहीं है। उन पर कर्ज का बोझ बढ़ जाएगा। हमारा संगठन आंदोलन भी कर रहा है।
-चौधरी अनिल मलिक, राष्ट्रीय महासचिव-भारतीय किसान यूनियन (भानु)

 

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