केजरीवाल ने 'मौसेरी बहन' को बनाया महिला आयोग का अध्यक्ष!
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आम आदमी पार्टी की सरकार के साथ हमेशा तनाव भरे रिश्तों के लिए चर्चा में रहीं दिल्ली महिला आयोग की बरखा सिंह शुक्ला का कार्यकाल इस सप्ताह के अंत में खत्म हो रहा है।
बरखा सिंह शुक्ला के आयोग अध्यक्ष पद से हटने के बाद आम आदमी पार्टी अपनी बहुत ही खास और वर्तमान में केजरीवाल की सलाहकार स्वाति मालेवाल को इस पद पर नियुक्त करने वाला है।
30 वर्षीय स्वाति आरटीआई एक्टिविस्ट होने के साथ ही इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कोर कमिटी की सबसे युवा सदस्य भी हैं। स्वाति अरविंद केजरीवाल से आज से नहीं बल्कि जब वो परिवर्तन के लिए काम करते थे, 2006 से ही उनके साथ हैं। और यही कारण है कि केजरीवाल ने उनपर अपना भरोसा दिखाया है।
केजरीवाल की बहुत खास हैं स्वाती
बता दें कि स्वाति को जब केजरीवाल ने अपनी सलाहकार बनाया था तो विपक्षी पार्टियों ने काफी बखेड़ा खड़ा किया था कि केजरीवाल पार्टी के लोगों को सरकार में जगह दे रहे हैं।
हालांकि आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी बताते हैं कि स्वाति जिनकी शादी पार्टी के उच्च पदाधिकारी नवीन जयहिंद से हुई है वो पार्टी की सदस्य नहीं हैं। उन्हें केजरीवाल के सलाहकार की भूमिका उनके खुद के दम पर और एक सक्रिय आरटीआई कार्यकर्ता होने व स्वराज के लिए काम करने की वजह से मिली है।
स्वाति मालेवाल जो एक पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजिनीयर हैं उन्होंने सामाजिक कार्य करने के लिए टीचर का कार्य चुना जिससे वो कम संसाधन प्राप्त बच्चों को पढ़ा सकें। बताया जा रहा है कि स्वाती दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौसेरी बहन हैं।
'अपनी शक्तियों का मिसयूज कर रही है आप'
स्वाति मालिवाल को दिल्ली महिला आयोग की नई अध्यक्ष बनाए जाने के आम आदमी पार्टी के फैसले पर विपक्ष ने हमला बोल दिया है। विपक्ष के साथ ही पार्टी से निकाले गए प्रशांत भूषण ने भी पार्टी के इस फैसले पर तीखा हमला किया है।
प्रशांत भूषण ने कहा कि महिला आयोग के अध्यक्ष जैसे पब्लिक पोस्ट पर पूरी तटस्थता के साथ नियुक्ति की जानी चाहिए। लोगों से आवेदन मंगाकर उनकी योग्यता परखकर ही ऐसे पदों पर नियुक्ति होनी ही चाहिए।
प्राशांत भूषण ने आगे कहा कि आप इस तरह नियुक्ति करके इन पदों का दुर्रुपयोग कर रहा है। प्रशांत का मानना है कि आप ने जो एक अलग तरह की राजनीति का विकल्प पेश किया था अब वो उससे पूरी तरह उलट जा रही है।
'आयोग में दायर मामलों को है दबाने की कोशिश'
वहीं महिला आयोग की वर्तमान अध्यक्ष बरखा सिंह शुक्ला जिनकी जगह स्वाति मालिवाल लेने वाली हैं कहती हैं कि आप हमेशा से ही महिला विरोधी रही है और इस नियुक्ति से तो यह बात बिल्कुल साफ हो जाती है।
बरखा सिंह का कहना है कि जिस तरह के मामले महिला आयोग में आप के नेताओं के खिलाफ चल रहे हैं उन सबको को दबाने का प्रयास है स्वाति की नियुक्ति।
वहीं कांग्रेस नेता पीसी चाको ने कहा है कि यह भाई-भतीजावाद का सीधा उदाहरण है। आप के उस कथनी के एकदम उलट जो आप जनता के बीच में रहकर करती है।