केजरीवाल का 2 हजार पन्नों का जवाब, मान ही नहीं तो हानि कैसी
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अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि मामले में अरविंद केजरीवाल और राघव चड्डा ने मंगलवार को अपना जवाब हाईकोर्ट में दाखिल कर दिया। उन्होंने मीडिया के समक्ष कहा कि जेटली लोकप्रिय व्यक्ति नहीं हैं, तो उनकी प्रतिष्ठा कैसे नष्ट हो गई।
दोनों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जो भी कहा है उसपर कायम हैं और वह ठीक है। अत: उनके खिलाफ मानहानि का कोई मामला नहीं बनता।
केजरीवाल और राघव चड्डा ने दो हजार पृष्ठों व तीन सीडी के जरिये जवाब दाखिल किया। उन्होंने अपना जवाब भी राजनीतिक भाषण की तरह पेश किया। दोनों ने कहा कि जेटली दावा कर रहे हैं कि वह लोकप्रिय व्यक्ति (पब्लिक करेक्टर) हैं और उन पर जो आरोप लगाए गए हैं उससे उनकी प्रतिष्ठा नष्ट हुई है।
उनकी प्रतिष्ठा कैसे नष्ट हो सकती है
केजरीवाल ने कहा कि यह गलत है कि जेटली पब्लिक करेक्टर हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में जेटली ने अमृतसर से लोकसभा चुनाव लड़ा। इस चुनावों में भाजपा जहां जीती, वहीं जेटली एक लाख वोटों से हार गए। प्रजातंत्र में उन्हें पब्लिक करेक्टर के रूप में स्वीकार्यता नहीं मिली। ऐसे में उनकी प्रतिष्ठा कैसे नष्ट हो सकती है।
केजरीवाल व राघव ने जेटली के उस दावे को भी गलत बताया कि वह मात्र दिसंबर 1999 से दिसंबर 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने कहा जेटली डीडीसीए के पैट्रन चीफ हैं और वे अब भी डीडीसीए के कामकाज व सदस्यों को प्रभावित कर सकते हैं और कर भी रहे हैं।
दोनों ने कहा कि जेटली का यह दावा भी गलत है कि उन्होंने फर्जी, बिना आधार, बदनियती से आरोप लगाए हैं। दोनों ने कहा कि हम आज भी अपने बयान पर कायम हैं। केजरीवाल व राघव चड्डा ने कहा कि उन्होंने कोई नए आरोप नहीं लगाए हैं।
बेदी व कीर्ति आजाद पर मुकदमा राजनीतिक मामला
क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी, भाजपा सांसद कीर्ति आजाद, डीडीसीए में घोटाले व अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विभिन्न आयोगों ने भी इन तथ्यों की पुष्टी की है।
उन्होंने कहा कि जेटली ने कभी भी बेदी व कीर्ति आजाद पर मुकदमा नहीं किया। उनके आरोपों पर चुप्पी साघ रखी है। जेटली ने उन पर मुकदमा मात्र एक राजनीतिक मामले को लेकर किया है।
ऐसे में उनके खिलाफ मानहानि मुकदमा नहीं बनता। अत: इस याचिका को खारिज किया जाए। उन्होंने जवाब के साथ कीर्ति आजाद द्वारा लिखे पत्र, विभिन्न आयोग की रिपोर्ट इत्यादि संलग्न की है।
यह है पूरा मामला
जेटली ने अरविंद केजरीवाल और और उनके सहयोगियों कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक वाजपेयी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
जेटली ने याचिका में उनके और उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर झूठे और अपमानजनक बयान देने के लिए 10 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है। र्हाइकोर्ट ने इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी।
आप नेता राघव चड्ढा के मुताबिक हम जेटलीजी के आभारी हैं कि उन्होंने मुकदमा दायर कर हमें अदालत के समक्ष भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया। आम आदमी पार्टी हमेशा ही भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ती रही है और सच्चाई सब के सामने निकल कर आएगी।