तीसरे दिन भी जारी केजरीवाल और मंत्रियों का धरना, जैन के बाद सिसोदिया भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा जारी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने तीन कैबिनेट सहयोगियों के साथ आज भी धरने पर बैठे हैं।
धरने के तीसरे दिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे पहले जब मंगलवार को जब धरने को 18 घंटे हो गए थे तो स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए थे।
राजनिवास में बैठे मुख्यमंत्री व उनके सहयोगी पहले दिन से ही सोशल मीडिया पर बार-बार उपराज्यपाल से मुलाकात करने की अपील कर रहे हैं। साथ ही चेतावनी भी दे रहे हैं कि बगैर मांग पूरी हुए वह वापस लौटने को तैयार नहीं हैं।
अपने अनिश्चितकालीन हड़ताल के बारे में ट्वीट करते हुए सिसोदिया ने लिखा- दिल्ली की जनता को उसका हक दिलाने और उसके रुके हुए काम कराने के लिए आज से मैं भी अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ रहा हूँ। सत्येंद्र जैन जी का अनशन भी कल से जारी है। हमारा आत्मबल और जनता का विश्वास ही हमारी ताकत है।
दिल्ली की जनता को उसका हक दिलाने और उसके रुके हुए काम कराने के लिए आज से मैं भी अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ रहा हूँ। सत्येंद्र जैन जी का अनशन भी कल से जारी है।
— Manish Sisodia (@msisodia) June 13, 2018
हमारा आत्मबल और जनता का विश्वास ही हमारी ताकत है। @LtGovDelhi https://t.co/0zucAhXvmO
ऐसे बीता मंगलवार
उधर, उपराज्यपाल की तरफ से सकारात्मक जवाब न मिलने से नाराज दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद मनीष सिसोदिया ने भी अनशन शुरू कर दिया है।
वहीं, पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि केजरीवाल आंदोलन से निकले नेता हैं। सड़क की लड़ाई में उनसे पार पाना आसान नहीं है। आंदोलन के जोर पकड़ने पर उपराज्यपाल को अपनी गलती का अहसास हो जाएगा।
मंगलवार को अरविंद केजरीवाल की सुबह की शुरुआत दिल्ली वालों से गुड मार्निंग के साथ हुई। करीब 6.27 बजे केजरीवाल ने ट्वीट किया कि मेरे प्यारे दिल्लीवासियों। सुप्रभात। संघर्ष जारी है।
वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल को गुड मार्निंग करते हुए लिखा कि श्रीमान, दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने तीन मंत्रियों के साथ वेटिंग रूम में सोमवार से इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि मंगलवार को उपराज्यपाल अपने व्यस्त समय में से कुछ वक्त निकालकर तीनों मांगों का समाधान निकालेंगे। तब तक सब उनका इंतजार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री केजरीवाल की ये हैं तीन मांगें
इसके बाद दिनभर नियमित तौर पर मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने सोशल मीडिया के जरिये अपना संवाद जारी रखा। वहीं, करीब 11 बजे केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी किया। कहा, हमने अधिकारियों से समझौते की हर कोशिश की। मगर अधिकारी काम करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने हड़ताल जैसी स्थिति बना रखी है।
वहीं, उपराज्यपाल साहब गरीबों के लिए फायदेमंद डोर स्टेप डिलीवरी योजना को मंजूरी नहीं दे रहे हैं। दिल्ली की जनता के हक और विकास के लिए बड़े से बड़े संघर्ष के लिए हम तैयार हैं। दिल्ली के मंत्रियों के पास एलजी हाउस पर बैठने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है।
मुख्यमंत्री की ये हैं तीन मांग:
- दिल्ली सरकार में कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराई जाए।
- काम रोकने वाले आईएएस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
- डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ राशन सप्लाई स्कीम को मंजूर किया जाए।
मुख्य सचिव बोले, हड़ताल पर नहीं अधिकारी
दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश का कहना है कि दिल्ली में कोई अधिकारी या कर्मचारी 19 फरवरी की आधी रात को सीएम आवास पर मारपीट की घटना के बावजूद हड़ताल पर नहीं हैं।
घटना के बाद अधिकारियों ने उपराज्यपाल, गृहमंत्री, कैबिनेट सचिव से मुलाकात के अलावा कैंडल मार्च भी निकाला था लेकिन काम प्रभावित नहीं किया। यहां तक कि छुट्टी के दिन भी कई बार काम किया।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक बार बैठक का संदेश भेजा लेकिन फिर बाद में मुलाकात का टाइम नहीं दिया। न ही उनकी तरफ से मामला सुलझाने का कोई प्रयास किया गया।
बुधवार को मार्च निकालने का फैसला
राजनिवास में मुख्यमंत्री के धरने के बीच मंगलवार शाम आप विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास पर बैठक की। इस मौके पर आंदोलन की दशा-दिशा तय करने के बारे में रणनीति तैयार की गई। पार्टी ने फैसला किया कि बुधवार को मुख्यमंत्री आवास से राजनिवास की तरफ विधायक मार्च करेंगे।
दूसरी तरफ, पार्टी ने फैसला किया कि आंदोलन से दिल्लीवासियों को जोड़ा जाएगा। दिल्ली की सभी विधानसभाओं से आप कार्यकर्ता, पार्टी पदाधिकारी समेत आम लोगों से अपील की जा रही है कि वह बुधवार को मार्च में शामिल हों। लोगों को संदेश भेजा रहा है कि वह दिल्ली को उपराज्यपाल की गिरफ्त से निकालने के आंदोलन के साझीदार बनें।
बैठक के बाद आप के वरिष्ठ नेता पंकज गुप्ता ने बताया कि बुधवार शाम चार बजे दिल्ली की जनता मुख्यमंत्री आवास पर एकत्रित होगी। यहां से मार्च करते हुए आप के सभी मंत्री, विधायक और दूसरे पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता राजनिवास की तरफ रवाना होंगे।
सरकार का दावा, अधिकारियों का असहयोग जारी
उपराज्यपाल अनिल बैजल व अधिकारियों के हड़ताल पर न होने के दावे के बीच दिल्ली सरकार का कहना है कि अधिकारियों के सहयोग न करने से बीते चार महीनों में बहुत से मामले लटके हुए हैं।
अपनी बात को साबित करने के लिए मुख्यमंत्री के सहयोगियों ने बाकायदा एक लिस्ट जारी की है। इसमें सिलसिलेवार ढंग से उन मामलों का जिक्र है, जिसमें काम पूरा नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यमुना नदी में अमोनिया की मात्रा बढ़ने से दिल्ली में जल संकट पैदा हो गया था। एनजीटी की ओर से दिल्ली व हरियाणा के मुख्य सचिव को बैठक कर मामले को सुलझाने की सलाह दी गई थी।
तयशुदा समय 20 फरवरी दोपहर 12.30 बजे हरियाणा के मुख्य सचिव बैठक स्थल पर पहुंचे, लेकिन दिल्ली के मुख्य सचिव ने बैठक का बहिष्कार किया। इसी तरह दिल्ली के मुख्य सचिव अपने तीन वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली विधानसभा की प्रश्न व संदर्भ समिति की बैठकों में नहीं पहुंच रहे हैं। 23 फरवरी को शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की बैठक में अधिकारी नहीं पहुंचे। 22 फरवरी को खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री की बैठक में भी यही आलम रहा।
आप प्रवक्ता के उपराज्यपाल से सवाल:
क्या अधिकारियों का इस तरह का रवैया उनके सेवा नियमों के खिलाफ नहीं है? यह व्यवहार दुर्भावनापूर्ण नहीं है? उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि उपराज्यपाल इस तरह के मामलों पर संज्ञान लेकर अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे।
आप प्रवक्ता के उपराज्यपाल से सवाल:
- क्या सीसीएस/आईएएस आचरण नियम 7 के अनुसार आईएएस अधिकारी हड़ताल पर जा सकते हैं?
- क्या काम की गति को धीमा करना, फाइलों में देरी करना और आधिकारिक बैठकों का बहिष्कार करना सीसीएस/आईएएस नियमावली के तहत हड़ताल की परिभाषा में शामिल नहीं होता है?
- क्या एलजी सीसीएस/आईएएस नियमावली का उल्लंघन करने के लिए हड़ताली आईएएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बाध्य नहीं हैं?
- क्या मंत्रियों और सीएम ने हड़ताली आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए एलजी को मीटिंग और लिखित में 7 पत्रों के माध्यम से सूचित किया है?
- आईएएस/सीसीएस नियमावली के नियमों का उल्लंघन करने के लिए उपराज्यपाल, आईएएस अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?