सोशल मीडिया पर चला अभियान ‘जस्टिस फॉर सुदीक्षा’, राजनेता, कवि और बुद्धिजीवियों ने की मार्मिक पोस्ट
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सुदीक्षा जानती थी कि देश में ऐसे लोग बड़ी तादाद में हैं जो अपनी बेटियों को सुरक्षा के मद्देनजर पढ़ने-लिखने के लिए घर से बाहर नहीं भेजना चाहते। वह इसके खिलाफ संघर्ष कर रही थी। वह सामाजिक कुरीति को तोड़कर लड़कियों को शिक्षित करना चाहती थी।
परिजनों का किया गया दावा भी सही है तो उसकी मौत की वजह भी यही कुरीति बन गई। दो साल पहले स्कूल के एक कार्यक्रम में भी सुदीक्षा ने इसी समस्या को उठाया था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को दिनभर सोशल मीडिया पर ‘जस्टिस फॉर सुदीक्षा’ अभियान चला। राजनेता, कवि, बुद्धिजीवियों ने पोस्ट कर न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि मार्मिक पोस्ट कर इस घटना से हुई क्षति का जिक्र कर भी झकझोरा।
55 हजार ट्वीट
सुदीक्षा की मौत का मामला देश ही नहीं विदेश तक सोशल मीडिया पर छा गया। हर तरफ से सुदीक्षा की मौत की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई व पीड़ित परिवार को मदद की मांग उठने लगी। अकेले जस्टिस फॉर सुदीक्षा हैशटैग से शाम पौने सात बजे तक 55 हजार से अधिक ट्वीट कर दिए गए।
ढांढस बंधाने सुदीक्षा के घर पहुंचे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि
सुदीक्षा के घर पर मंगलवार को सामाजिक व राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों का तांता लगा रहा। सभी ने परिवार को ढांढस बंधाया। दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर सुबह 10 बजे पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुदीक्षा की मौत से देश की भी क्षति हुई है। सुदीक्षा ने एक नया आयाम स्थापित किया था। आरोपी युवकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी।
विधायक ने सुदीक्षा के परिजनों को एक लाख रुपये की धनराशि का चेक भी सौंपा। वहीं, पूर्व विधायक सतवीर गुर्जर ने कहा कि होनहार छात्रा की मौत होने से सभी बेहद दुखी हैं। दुख की इस घड़ी में परिजनों की हर संभव मदद की जाएगी।
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र सिंह गुड्डू का कहना है कि घटना में पुलिस गुमराह कर रही है। छेड़छाड़ करने वालों की सीसीटीवी फुटेज निकालकर तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। परिवारों को ढांढस बधाने के लिए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, डॉ. महेंद्र नागर, दयाराम सिंह, नरेंद्र भाटी, प्रधान महेंद्र, विदित चौधरी, संजय भाटी समेत सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के लोग पहुंचे।