सुनपेड़ दलित अग्निकांड में बढ़ी आरोपियों की न्यायिक हिरासत
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दलित जितेंद्र के दो बच्चों की जलाकर हत्या किए जाने के मामले में भोंडसी जेल में बंद छह आरोपियों की न्यायिक हिरासत चौदह दिन और बढ़ा दी गई।
आरोपियों को अगली पेशी में एक दिसंबर को पंचकूला स्थित स्पेशल सीबीआई सेशन कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपियों को वापस भोंडसी जेल भेज दिया गया।
मालूम हो कि 19-20 अक्तूबर की रात सुनपेड़ गांव में रहने वाले जितेंद्र के घर आगजनी की घटना हुई थी। इसमें जितेंद्र का ढाई वर्ष का बेटा वैभव, दस माह की बेटी दिव्या और पत्नी रेखा झुलस गई थी।
इलाज के लिए ले जाते समय बच्चों की मौत हो गई थी। रेखा का सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। जितेंद्र ने गांव के ही सत्तर वर्षीय बलवंत, उसके दो बेटे जगत व धर्म सिंह, ऐदल सिंह, नौनिहाल, जोगिंद्र, आकाश, अमन, संजय और देशराज और एक नाबालिग पर उसके घर में आगजनी करने का आरोप लगा केस दर्ज कराया था।
सीबीआई ने रिमांड पर लेकर की थी पूछताछ
पुलिस ने इस मामले में बलवंत सिंह, उनके बेटे धरम सिंह व करतार सिंह, संजय, आकाश और अमन के अलावा एक नाबालिग आरोपी को पकड़ा था। नाबालिग को छोड़ बाकी सभी को जेल भेज दिया गया था।
मामले की जांच कर रही सीबीआई ने इन आरोपियों को चार दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी। 4 नवंबर को कोर्ट में पेश किए जाने पर जूनियर मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) प्रतीक जैन ने सभी को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
मंगलवार को हिरासत अवधि पूरी होने पर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायाधीश ने 1 दिसंबर 2015 तक न्यायिक हिरासत बढ़ा दी।
इसके बाद बलवंत सिंह, धरम सिंह, करतार सिंह, संजय, आकाश और अमन को भोंडसी जेल भेज दिया गया। आरोपी पक्ष के वकील प्रदीप परमार और रविंद्र रावत ने बताया कि क्योंकि मामले की जांच सीबीआई कर रही है, इसलिए अगली पेशी पंचकूला स्थित स्पेशल सीबीआई सेशन कोर्ट में होगी।