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जेएनयू हिंसाः दिल्ली पुलिस ने व्हाट्स ऐप से मांगी 44 मोबाइल नंबरों की डिटेल

Tue, 14 Jan 2020 01:32 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 14 Jan 2020 01:32 AM IST
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jnu violence: Delhi Police asked for 44 mobile numbers details from WhatsApp
जेएनयू गेट पर पुलिस तैनात - फोटो : Amar Ujala

दिल्ली हाईकोर्ट में जेएनयू के तीन प्रोफेसरों की याचिका के बाद पुलिस ने जांच में सामने आए 44 व्हाट्स ऐप नंबरों का ब्योरा खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस ने व्हाट्स ऐप से इनकी डिटेल मांगी है। इस ग्रुप से जुड़े कई लोगों के हिंसा में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। ये सभी मोबाइल नंबर जेएनयू में हिंसा वाली रात से ही सोशल मीडिया पर वायरल थे।

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पुलिस की सुस्त जांच के कारण प्रोफेसरों ने कोर्ट में सबूतों को सुरक्षित रखने की याचिका डाली है। उनका आरोप है कि दूसरे हमलावरों की पहचान के लिए व्हाट्स ऐप नंबर काफी थे, फिर भी पुलिस ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। कोर्ट ने पुलिस, गूगल और फेसबुक से भी संबंधित मामले से जुड़ा डाटा सुरक्षित रखने को कहा है। 
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उधर, कोर्ट के निर्देश बाद हरकत में आई पुलिस ने सभी नंबरों का ब्योरा खंगालना तेज कर दिया है। पुलिस ने व्हाट्स ऐप समेत सोशल मीडिया से जुड़ी कंपनियों को नोटिस जारी कर संबंधित डाटा जल्द से जल्द मुहैया कराने का कहा है। उधर, 5 जनवरी के बाद से ही इनमें से ज्यादातर व्हाट्स ऐप नंबर बंद आ रहे हैं। पुलिस इन्हें प्रयोग करने वालों की पहचान के लिए सर्विलांस का भी सहारा ले रही है। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से कई अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी सोशल साइटों से संदिग्धों की हर पोस्ट का विवरण देने को कहा है।
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कई नए नाम आ सकते हैं सामने 
जांच की दिशा व्हाट्स ऐप नंबरों की ओर घूमने से हिंसा मामले में कई नए नाम सामने आ सकते हैं। 5 जनवरी तक ये सभी नंबर चालू थे। यूनिवर्सिटी कैंपस से कुछ दूर जाकर ये नंबर बंद हो गए। सर्विलांस की मदद से कई चालू नंबरों की लोकेशन और सीडीआर खंगालने के बाद हिंसा में कई नए नाम सामने आने की संभावना है। 


गंभीर धाराओं के बाद गिरफ्तारी से पीछे हटी पुलिस
पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर हिंसा में शामिल नौ लोगों की फुटेज जारी की थी। इन सभी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इसके बाद भी पुलिस जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष और दूसरे छात्र नेताओं की गिरफ्तारी से पीछे हट रही है। कानूनी जानकारों का कहना है कि पुलिस को इनकी गिरफ्तारी से कानून-व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा है। इसी कारण पुलिस ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर केवल अपना बयान दर्ज कराने को कहा है।

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