जेएनयू नारेबाजी विवाद: समाचार चैनल संपादक की अर्जी पर फैसला टला
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जेएनयू नारेबाजी विवाद मामले में प्रस्तावित आरोपी समाचार चैनल के संपादक की अर्जी पर शुक्रवार को अदालत का फैसला एक बार फिर टल गया। अदालत ने अर्जी पर फैसला सुनाने के लिये अब 17 फरवरी 2017 की तारीख तय की है।
बता दें कि दिल्ली सरकार ने तीन समाचार चैनलों पर छेड़छाड़ वाली वीडियो चलाकर माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। सरकार ने इन चैनलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश 26 मई को दिया था।
चैनल के संपादक ने अर्जी में कहा था कि इस मामले में वह प्रस्तावित आरोपी है इसलिये समन जारी होने से पहले उसे भी अपना पक्ष रखने का अधिकार है। संपादक ने अर्जी दायर कर सरकार की शिकायत पर सुनवाई रोकने की मांग की थी।
पटियाला हाउस अदालत के सीएमएम सुमित दास के समक्ष अर्जी पर बहस करते हुये अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने कहा था कि इस मामले में उसे अभी तक समन जारी नहीं हुआ है लेकिन इसके बावजूद उसे अपना पक्ष रखने का अधिकार है क्योंकि इस मामले में उसे भी एक प्रस्तावित आरोपी बनाया गया है।
जांच का आधार है डॉक्टर्ड वीडियो
गौरतलब है कि समाचार चैनल के संपादक ने अपनी अर्जी में कहा था कि देश विरोधी नारेबाजी मामले में तो थाना वसंत कुंज नार्थ में 11 फरवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी। सरकार ने जिस वीडियो को डॉक्टर्ड बताया है, वह इस केस में जांच का आधार है।
मामले में शिकायतकर्ता की ओर से बहस करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरीहरन ने कहा था कि मौजूदा शिकायत और पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर की विषय वस्तु पूरी तरह अलग है।
यह शिकायत चैनल द्वारा उस घटना का समाचार दिखाने से संबंधित नहीं है बल्कि उस घटना की वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर दोबारा दिखाने से संबंधित है जिससे देश का माहौल खराब हो।