जाट महासभा ने फूंका आरक्षण का बिगुल, हार्दिक से काटी कन्नी
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र में जाट आरक्षण खत्म होने के बाद उसे दोबारा हासिल करने के लिए अखिल भारतीय जाट महासभा फिर आंदोलन करेगी।
शनिवार को जाट महासभा की राजधानी स्थित मावलंकर हॉल में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया है। जाट इस आंदोलन की शुरुआत राजस्थान के भरतपुर में इसी माह 24 सितंबर को एक रैली आयोजित करके करेंगे।
इस रैली में एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य शनिवार की बैठक में रखा गया है। अखिल भारतीय जाट महासभा की इस बैठक में 14 राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
देशभर में होगी 10 बड़ी रैलियां
इसमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। बैठक में कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को आना था, मगर वह नहीं पहुंचे।
हालांकि कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी जरूर इस बैठक में शामिल होने पहुंची। रेणुका चौधरी ने कहा कि यूपीए ने अपने कार्यकाल में जाटों को आरक्षण दिलाने का पूरा प्रयास किया था।
एनडीए उस समय आरोप लगाती थी कि वह तथ्यों को सही तरीके से नहीं रखती थी। अब सत्ता एनडीए के पास है, वह करके दिखाएं। जाटों को उनका आरक्षण हक वापस दिलाए।
अखिल भारतीय जाट महासभा के महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह ने बताया कि हम दोबारा से आंदोलन शुरू करेंगे। इस बैठक में आगे की जो रणनीति बनी है उसके मुताबिक हम दिल्ली कूच करने से पहले अलग-अलग राज्यों में 10 बड़ी रैलियां करेंगे।
हार्दिक पटेल से बनाई दूरी
इसकी शुरुआत भरतपुर राजस्थान से होगी। उसके बाद नवंबर में हाथरस में एक रैली होगी।
हार्दिक पटेल के साथल ड़ाई पर काटी कन्नी-
जाट महासभा आरक्षण की लड़ाई को लेकर आगे जाएंगे, लेकिन वह गुजरात में पटेल आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे हार्दिक पटेल के साथ नहीं जाएंगे।
महासभा के युद्धवीर सिंह ने कहा कि मैं हार्दिक पटेल पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। वह अपनी लड़ाई लड़ें, लेकिन हम अपनी लड़ाई अकेले लड़ेंगे, हमें किसी के साथ की जरूरत नहीं है। हम एकजुट होकर इस आरक्षण की लड़ाई को आगे ले जाएंगे।