{"_id":"5e2a80fa8ebc3e4b0f77b0a9","slug":"jamia-violence-delhi-crime-branch-issues-notice-to-congress-ex-mla-asif-mohammad-one-detained","type":"story","status":"publish","title_hn":"जामिया हिंसा: पूर्व कांग्रेस विधायक और आशु खान की गिरफ्तारी की अफवाह फैलने पर कोतवाली का घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जामिया हिंसा: पूर्व कांग्रेस विधायक और आशु खान की गिरफ्तारी की अफवाह फैलने पर कोतवाली का घेराव
Fri, 24 Jan 2020 08:52 PM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 24 Jan 2020 08:52 PM IST
विज्ञापन
आसिफ मोहम्मद खान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद और स्थानीय नेता आशु खान की गिरफ्तारी की अफवाह फैलने के बाद शुक्रवार को दोपहर करीब 1 बजे शाहीन बाग के सैकड़ों लोगों ने जामिया थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारी थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। एहतियात के तौर पर थाने में अतिरिक्त पुलिस ब़ल बुलाया गया। धरना शाम सात बजे समाप्त हुआ।
जामिया में 15 दिसंबर 2019 की हिंसा मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए आसिफ मोहम्मद की गिरफ्तारी की अफवाह फैलने के बाद शाहीन बाग के लोग उत्तेजित हो गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बेवजह एक खास समुदाय को निशाना बना रही है। प्रदर्शनकारियों ने थाने में दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसमें कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हुए। उधर, प्रदर्शन की सूचना पर आला अधिकारी पहुंच गए। इनमें सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के कार्यकर्ता भी थे।
प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर जामिया रोड बंद कर दिया। रोड पर धरने की वजह से शाम के वक्त कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस भी प्रदर्शनकारियों के सामने मूकदर्शक रही।
विज्ञापन
इससे पहले अपराध शाखा ने आसिफ मोहम्मद खान, स्थानीय नेता आशु खान और फुरकान को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस भेजा था।
नोटिस मिलने पर आसिफ मोहम्मद खान ने क्या कहा?
अपराधा शाखा से जामिया हिंसा को लेकर मिले नोटिस पर कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान का कहना है कि पुलिस के पास मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जब बसें जलाई गईं तब मैं शाहीन बाग के उस प्रदर्शन में था जो आज भी चल रहे हैं। पुलिस भी मेरे स्पीच रिकॉर्ड कर रही थी, यह मेरा सबसे बड़ा सबूत है।
विज्ञापन
जामिया में 15 दिसंबर 2019 की हिंसा मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए आसिफ मोहम्मद की गिरफ्तारी की अफवाह फैलने के बाद शाहीन बाग के लोग उत्तेजित हो गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बेवजह एक खास समुदाय को निशाना बना रही है। प्रदर्शनकारियों ने थाने में दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसमें कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हुए। उधर, प्रदर्शन की सूचना पर आला अधिकारी पहुंच गए। इनमें सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के कार्यकर्ता भी थे।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर जामिया रोड बंद कर दिया। रोड पर धरने की वजह से शाम के वक्त कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस भी प्रदर्शनकारियों के सामने मूकदर्शक रही।
विज्ञापन
इससे पहले अपराध शाखा ने आसिफ मोहम्मद खान, स्थानीय नेता आशु खान और फुरकान को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस भेजा था।
नोटिस मिलने पर आसिफ मोहम्मद खान ने क्या कहा?
अपराधा शाखा से जामिया हिंसा को लेकर मिले नोटिस पर कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान का कहना है कि पुलिस के पास मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जब बसें जलाई गईं तब मैं शाहीन बाग के उस प्रदर्शन में था जो आज भी चल रहे हैं। पुलिस भी मेरे स्पीच रिकॉर्ड कर रही थी, यह मेरा सबसे बड़ा सबूत है।
Asif Muhammad Khan, former Congress MLA: Police have no evidence against me. I was in Shaheen Bagh, participating in the protests which are going on till now, at the time when buses were set on fire there. Police was also recording my speeches, this is my biggest evidence. https://t.co/FgZJXgzkQg pic.twitter.com/0nmkfz7MvB
— ANI (@ANI) January 24, 2020