Jamia Violence Case: शरजील इमाम और आसिफ इकबाल तनहा को साकेत कोर्ट ने किया बरी, फिर भी नहीं होगी जेल से रिहाई
शरजील इमाम पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में भी आरोपी हैं ऐसे में उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने जामिया में हुए 2019 की हिंसा के केस में शरजील इमाम और आसिफ इकबाल तनहा को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। हालांकि उन्हें अब भी कई अन्य मामलों के चलते जेल में ही रहना होगा।
Delhi's Saket court discharges Sharjeel Imam in Jamia Violence case registered in 2019.
Violence erupted after a clash between people protesting against Citizenship Amendment Act and police. Sharjeel was granted bail in 2021.
(File Pic) pic.twitter.com/FBIM1HIOD6
— ANI (@ANI) February 4, 2023
इनके खिलाफ दंगा भड़काने और असंवैधानिक भीड़ जुटाने के लिए आईपीसी की धारा- 143, 147, 148, 186, 353, 332, 333, 308, 427, 435, 323,341, 120बी और 34 के तहत मामला दर्ज है।
हालांकि इमाम अब भी जेल में ही रहेगा क्योंकि उसके खिलाफ पूर्वी दिल्ली में 2020 में हुए दंगों में कई मामलों में केस दर्ज है।
फरवरी 2020 के दंगों में दर्ज हुआ था मामला
शरजील इमाम और कई अन्य पर फरवरी 2020 के दंगों के मास्टरमाइंड होने के लिए यूएपीए मामले में आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। दंगो में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हो गए थे। नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी। इमाम पर दिसंबर 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में सीएए और एनआरसी पर सरकार के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप था।