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असिस्टेंड प्रोफेसर ने किया ट्वीट, मैंने 15 गैर मुस्लिम छात्रों को छोड़ सभी को किया पास, जामिया ने किया सस्पेंड
Thu, 26 Mar 2020 06:01 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 26 Mar 2020 06:01 PM IST
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने 15 गैर मुस्लिम छात्रों को फेल करने संबंधी ट्वीट करने वाले प्रो. अबरार अहमद को तत्काल प्रभाव से बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया। प्रो अहमद ने अपने ट्वीट में लिखा था कि मैंने सीएए का समर्थन करने वाले गैर-मुस्लिम छात्रों को फेल कर दिया है। मामला तूल पकड़ने के बाद जामिया प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अब प्रो. अबरार का कहना है कि वह सिर्फ व्यंग्य कर रहे थे कि कैसे सरकार एक समुदाय के साथ भेदभाव कर रही है और इसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं हैं।
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प्रो. अबरार ने 25 मार्च को यह विवादित ट्वीट किया था। हालांकि हंगामा होने पर इसे डिलीट कर दिया था। इसमें लिखा था अगर आप सीएए का विरोध करते हैं तो मेरे पास इसके पक्ष में 55 छात्र हैं। अगर आंदोलन खत्म नहीं हुआ तो बहुमत आपको सबक सिखाएगा। कोरोना के चलते आपके आंदोलन के चिह्न मिट गए हैं। मैं हैरान हूं कि आपको मुझसे नफरत क्यों है? उधर जामिया प्रशासन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर बृहस्पतिवार को पोस्ट कर कहा कि प्रो अबरार ने परीक्षा में 15 गैर-मुस्लिम छात्रों को फेल करने की बात सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर कही है, जो सांप्रदायिक विद्वेष को उकसाने वाला एक गंभीर कदाचार है। विश्वविद्यालय ने जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित कर दिया है।
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